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बजट 2020: इन पांच कारणों की वजह से धड़ाम हुआ बाजार, निवेशकों को हुआ भारी नुकसान

Sat, 01 Feb 2020 05:16 PM IST
‌डिंपल अलवधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: ‌डिंपल अलवधी Updated Sat, 01 Feb 2020 05:16 PM IST
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Union Budget 2020 know five reasons why Indian Share Market fell
शेयर बाजार - फोटो : अमर उजाला

शनिवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2020 पेश किया, जिसके बाद शेयर बाजार धड़ाम हो गया और निवेशकों के चार लाख करोड़ रुपये डूब गए। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 987.96 अंक यानी 2.43 फीसदी की गिरावट के बाद 39,735.53 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 318.30 अंक यानी 2.66 फीसदी की गिरावट के बाद 11,643.80 के स्तर पर बंद हुआ। यह एक दशक की सबसे बड़ी गिरावट है। आम बजट से शेयर बाजार खुश नहीं रहा। 

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आइए जानते हैं पांच कारण, जिनकी वजह से बाजार में यह भारी गिरावट आई। 

टैक्स स्लैब को लेकर उलझन

आम करदाताओं की सुविधा के लिए वित्त मंत्री ने नए आयकर स्लैब की घोषणा की है। इसके मुताबिक अगर कोई करदाता नए स्लैब के हिसाब से अपना रिटर्न फाइल करेगा तो उसको काफी फायदा होगा। हालांकि अगर करदाता छूट के विकल्पों जैसे कि सेक्शन 80सी, 80डी, 80जी और 80ई व स्टैण्डर्ड डिडक्शन का इस्तेमाल करेगा तो फिर टैक्स में किसी तरह का फायदा नहीं होगा। विश्लेषकों के अनुसार, पुरानी और नई टैक्स व्यवस्था के बीच में उलझन की वजह से समस्याएं सामने आई। 

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LTCG टैक्स पर नहीं किया गया कोई एलान

इसके अतिरिक्त बजट 2020 से लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स खत्म करने की भी उम्मीद जताई गई थी। निवेशकों को उम्मीद थी कि निर्मला सीतारमण इसे खत्म करेंगी, या इसमें कोई और बदलाव करेंगी, जो उनके हित में होगा। लेकिन ऐसी कोई घोषणा नहीं हुई है, जिससे निवेशक नाराज हुए और बाजार धड़ाम हुआ। 

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किसी क्षेत्र को नहीं मिली कुछ खास सौगात

इकोनॉमिक टाइम्स की खबर के अनुसार, बजट में किसी विशेष क्षेत्र के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कोई खास एलान नहीं किया है। इससे पहले उम्मीद जताई जा रही थी कि अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए सरकार खपत को बढ़ावा देगी। लेकिन जियोजीत फाइनेंशल सर्विसेज के रीसर्च हेड विनोद नायर ने बताया कि सरकार उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी है, जिसकी वजह से बाजार में गिरावट आई। 

डिविडेंड डिस्ट्रिब्यूशन टैक्स हुआ खत्म

बता दें कि निर्मला सीतारमण ने बजट में डिविडेंड डिस्ट्रिब्यूशन टैक्स (DDT) खत्म करने का एलान किया। सरकार के इस कदम से सरकारी खजाने पर 25,000 करोड़ रुपये का बोझ बढ़ेगा। इसपर विश्लेषकों का कहना है कि यह निवेशकों के लिए अच्छी खबर नहीं है। ऐसा इसलिए क्योंकि डिविडेंड डिस्ट्रिब्यूशन टैक्स खत्म होने से डिविडेंड टैक्सपेयर की आय में जुड़ जाएगा।

विनिवेश के लिए बड़ा लक्ष्य 

बजट के दौरान विनिवेश को लेकर भी वित्त मंत्री ने बड़ा एलान किया। निर्मला सीतारमण ने घोषमा की कि सरकार भारतीय जीवन निगम ( LIC ) में अपनी हिस्सेदारी बेचेगी। इसके लिए आरंभिक सार्वजनिक निर्गम ( आईपीओ ) लाया जाएगा। साथ ही सरकार ने आईडीबीआई बैंक की शेष पूंजी स्टॉक एक्सचेंज के माध्यम से बेचे जाने का प्रस्ताव रखा। बता दें कि वित्त वर्ष 2021 के लिए सरकार ने 2.10 लाख करोड़ रुपये का विनिवेश लक्ष्य रखा है। यह लक्ष्य काफी बड़ा है। 

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