Market Closing Bell: भारतीय शेयर बाजार पर लौटा निवेशकों का भरोसा; सेंसेक्स 554 अंक चढ़ा, निफ्टी 24600 के पार
Sensex-Nifty Closing Bell: हफ्ते के पहले कारोबारी दिन शेयर बाजार तेजी के साथ बंद हुआ। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स सोमवार को 554.84 अंक उछलकर 80,364.49 अंक पर बंद हुआ। वहीं, 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 198.20 अंक की बढ़त के साथ 24,625.05 पर बंद हुआ।
विस्तार
लगातार तीन दिनों की गिरावट के बाद सोमवार को शेयर बााजार हरे निशान पर बंद हुआ। मजबूत मैक्रो डेटा के बाद आईटी, ऑटो और बैंकिंग शेयरों में मूल्यवान खरीदारी के चलते बेंचमार्क सूचकांक और निफ्टी में करीब एक प्रतिशत का उछाल हुआ।
ये भी पढ़ें: GST Reform Report: दो दरों से बेहतर होगी टैक्स प्रणाली, थिंक चेंज फोरम ने कर सरलीकरण को बताया असली सुधार
30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 554.84 अंक या 0.70 प्रतिशत उछलकर 80,364.49 अंक पर बंद हुआ। इसके 23 शेयर बढ़त के साथ और सात शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। सूचकांक बढ़त के साथ खुला और बाद में 597.19 अंक या 0.74 प्रतिशत की बढ़त के साथ 80,406.84 के उच्च स्तर पर पहुंच गया। वहीं 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 198.20 अंक या 0.81 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,625.05 पर आ गया।
सेंसेक्स की कंपनियों का हाल
सेंसेक्स की कंपनियों में महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा मोटर्स, ट्रेंट, इटरनल, एशियन पेंट्स और इंफोसिस प्रमुख लाभ में रहीं। वहीं सन फार्मा, आईटीसी, हिंदुस्तान यूनिलीवर और टाइटन पिछड़ने वालों में शामिल रहे।
भारतीय अर्थव्यवस्था तिमाही में 7.8 प्रतिशत बढ़ी
भारत की अर्थव्यवस्था अप्रैल-जून तिमाही में 7.8% की दर से बढ़ी, जो पिछले पांच तिमाहियों में सबसे तेज रफ्तार है। यह वृद्धि अनुमान से बेहतर रही है। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा हाल ही में लगाए गए टैरिफ अब भारत के निर्यात, खासकर वस्त्र उद्योग, पर खतरा पैदा कर सकते हैं और भविष्य की विकास गति पर असर डाल सकते हैं।
तिमाही के नतीजे अनुमान से अधिक
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि भारत की पहली तिमाही की जीडीपी वृद्धि दर 7.8% रही। यह अनुमान से अधिक है। इससे वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच अर्थव्यवस्था की मजबूती में निवेशकों का विश्वास मजबूत हुआ है।
उन्होंने कहा कि आगामी परिषद बैठक में जीएसटी को युक्तिसंगत बनाए जाने की उम्मीदें धारणा को मजबूत कर रही हैं और विवेकाधीन खपत को बढ़ावा दे रही हैं। इस आशावाद का खास तौर पर ऑटो और टिकाऊ उपभोक्ता वस्तुओं जैसे क्षेत्रों को फायदा हो रहा है।
यूरोपीय बाजार में दिखी बढ़त
एशियाई बाजारों में शंघाई का एसएसई कम्पोजिट सूचकांक और हांगकांग का हैंग सेंग सकारात्मक दायरे में बंद हुए, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी और जापान का निक्केई 225 सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए। यूरोप के बाजार अधिकतर ऊंचे स्तर पर कारोबार कर रहे थे। शुक्रवार को अमेरिकी बाजार गिरावट के साथ बंद हुए।
ब्रेंट क्रूड का भाव बढ़कर 68.10 डॉलर प्रति बैरल पहुंचा
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.92 प्रतिशत बढ़कर 68.10 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को 8,312.66 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 11,487.64 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। शुक्रवार को सेंसेक्स 270.92 अंक या 0.34 प्रतिशत गिरकर 79,809.65 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 74.05 अंक या 0.30 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,426.85 पर बंद हुआ।
डॉलर के मुकाबले रुपया 10 पैसे टूटकर 88.19 पर बंद हुआ
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की अनिश्चितताओं और आयातकों की ओर से डॉलर की मांग बढ़ने के बीच सोमवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 10 पैसे टूटकर 88.19 (अनंतिम) के सर्वकालिक निम्न स्तर पर बंद हुआ। विदेशी मुद्रा व्यापारियों ने कहा कि रुपया आज सुबह कमजोरी के साथ खुला और विदेशी पूंजी की लगातार निकासी के कारण अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 88.33 के अपने सर्वकालिक निचले स्तर पर पहुंच गया।