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Sensex Closing Bell: शेयर बाजार में उठापटक के बाद लाल निशान पर क्लोजिंग, सेंसेक्स-निफ्टी फिसले
Tue, 01 Oct 2024 03:44 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Tue, 01 Oct 2024 03:44 PM IST
सार
Sensex Closing Bell: शेयर बाजार में उठापटक के बाद लाल निशान पर क्लोजिंग, सेंसेक्स-निफ्टी फिसले
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सेंसेक्स क्लोजिंग बेल
- फोटो : amarujala.com
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विस्तार
हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बाद लाल निशान पर क्लोजिंग हुई। सेंसेक्स मंगलवार को 33.49 (0.03%) अंक फिसलकर 84,266.29 पर बंद हुआ। निफ्टी में 13.95 (0.05%) अंकों की गिरावट के साथ 25,796.90 के स्तर पर क्लोजिंग हुई।
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भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख बेंचमार्क सूचकांक मंगलवार को काफी हद तक स्थिर रहे। हालांकि, लगातार मुनाफावसूली के कारण बाजार में लाल निशान पर क्लोजिंग हुई। सूचकांकों में यह लगातार तीसरे सत्र में गिरावट दर्ज की गई।
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एनएसई के आंकड़ों से पता चलता है कि टेक महिंद्रा, महिंद्रा एंड महिंद्रा, ब्रिटानिया, इंफोसिस और अदानी एंटरप्राइजेज बढ़त हासिल करने वाले शीर्ष पांच शेयर रहे। वहीं, इंडसइंड बैंक, ओएनजीसी, एशियन पेंट्स, बजाज ऑटो और टाटा स्टील निफ्टी50 में सबसे ज्यादा गिरावट वाले पांच शेयर रहे।
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क्वेस्ट इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स के सह-मुख्य निवेश अधिकारी और पोर्टफोलियो प्रबंधक राकेश व्यास ने कहा, "प्रमुख भौगोलिक क्षेत्रों में दरों में कटौती से सिस्टम में उच्च तरलता बनी रहेगी और इसलिए विदेशी पूंजी को ऐसी अधिकांश अर्थव्यवस्थाओं में जगह मिलेगी विकास की संभावना मजबूत बनी हुई है। भारत की अनुमानित कॉरपोरेट आय वृद्धि मध्य से उच्च के बीच बनी हुई है, इसका मतलब है कि निवेशक भारत को एक आकर्षक गंतव्य के रूप में देखना जारी रखेंगे।"
यूएस फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति समिति ने हाल ही में ब्याज दर में 50 आधार अंकों की भारी कटौती की। इससे भारतीय शेयरों को नया समर्थन मिला। अमेरिका में दरों में जितनी अधिक कटौती होगी, भारत सहित वैकल्पिक निवेश गंतव्यों की ओर पूंजी के पलायन की प्रवृत्ति उतनी ही अधिक होगी।
विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI)की ओर से निरंतर खरीद ने भी शेयर सूचकांकों को कुछ हद तक समर्थन दिया है। सितंबर तक लगातार चौथे महीने भारतीय शेयर बाजार में विदेशी पोर्टफोलियो निवेश सकारात्मक बने रहे हैं।
जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार ने कहा, "चीनी अर्थव्यवस्था में अपेक्षित सुधार ने चीनी शेयरों में भारी मात्रा में फंड प्रवाह को बढ़ावा दिया है। इसके असर से पिछले पांच दिनों में शंघाई कंपोजिट पे 20 प्रतिशत और पिछले एक महीने में हैंग सेंग ने 19.45 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। यह गति एफआईआई को आकर्षित कर रही है; लेकिन यह देखना बाकी है कि यह सामरिक व्यापार कितने समय तक जारी रहेगा।"