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इंफ्रास्ट्रक्चर पैकेज: जानिए सदी के सबसे बड़े पैकेज का शेयर बाजार पर क्या पड़ा असर
Fri, 02 Apr 2021 02:25 PM IST
डिंपल अलावाधी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: डिंपल अलावाधी
Updated Fri, 02 Apr 2021 02:25 PM IST
सार
- अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन के इंफ्रास्ट्रक्चर प्लान को सदी का सबसे बड़ा प्रस्ताव बताया जा रहा है।
- घरेलू शेयर बाजार वैश्विक बाजारों से प्रभावित होता है।
- भारतीय शेयर बाजार पर इस पैकेज का सकारात्मक असर रहा।
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शेयर बाजार
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने अर्थव्यवस्था में जान फूंकने के लिए बड़ा कदम उठाया है। बाइडन ने आधारभूत ढांचे को सुधारने के लिए दो ट्रिलियन डॉलर यानी दो लाख करोड़ डॉलर के इंफ्रास्ट्रक्चर पैकेज का एलान किया। इस इंफ्रास्ट्रक्चर प्लान को वर्तमान सदी का सबसे बड़ा निवेश प्रस्ताव बताया जा रहा है। इससे शेयर बाजार पर भी असर पड़ेगा, क्योंकि घरेलू शेयर बाजार वैश्विक बाजारों से प्रभावित होता है। इसको लेकर निवेशकों के मन में भी काफी सवाल उठ रहे हैं।
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पैकेज का बाजार पर सकारात्मक असर
भारतीय शेयर बाजार पर इस पैकेज का सकारात्मक असर रहा। एक अप्रैल को वित्त वर्ष के पहले कारोबारी दिन बाजार में तेजी आई। सेंसेक्स ने फिर से 50 हजार का स्तर छुआ। एफएमसीजी के अतिरिक्त सभी सेक्टर्स हरे निशान पर बंद हुए। सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि विश्वभर के शेयर बाजारों पर अमेरिकी पैकेज का सकारात्मक प्रभाव पड़ा इसलिए गुरुवार को वैश्विक बाजारों में तेजी रही। सिंगापुर, जापान, चीन, ब्रिटेन, फ्रांस समेत एशियाई और यूरोपीय बाजार हरे निशान में बंद हुए।
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और बढ़ सकता है शेयर बाजार
इंफ्रास्ट्रक्चर पैकेज से विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में लिक्विडिटी के बड़े तौर पर बढ़ने की उम्मीद की जा रही है और जब भी किसी विकसित देश में आर्थिक गतिविधियों में तेजी से लिक्विडिटी बढ़ती है, तब वहां के विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) ज्यादा मुनाफे की उम्मीद में उभरते हुए विकासशील बाजारों की ओर आते हैं। इसलिए यह उम्मीद की जा सकती है कि विदेशी निवेशक घरेलू बाजार में पैसा लगाएंगे, जिससे भारतीय शेयर बाजार और बढ़ सकता है।
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इन कारकों से भी प्रभावित होगा बाजार
हालांकि काफी जानकार हाल के करेक्शन के बाद भी बाजार में उच्च वैल्यू मान रहे हैं। जल्द ही कंपनियां पिछले वित्त वर्ष के आखिरी तिमाही के नतीजे भी जारी करेंगी। इसके अलावा कोरोना के मामलों और बॉन्ड यील्ड पर भी निवेशकों की पैनी नजर होगी। इन कारकों से भी बाजार प्रभावित होगा।
2020 के आखिरी दो महीनों में एफआईआई ने बाजार में एक लाख 13 हजार करोड़ रुपये का निवेश किया था। इस निवेश से सेंसेक्स और निफ्टी में काफी बढ़त आई थी। जनवरी और फरवरी 2021 में विदेशी निवेशकों का इक्विटी में निवेश क्रमश: 19473 और 25787 करोड़ रुपये का था। बड़े निवेश के बाद 15 फरवरी को सेंसेक्स पहली बार 52,000 के स्तर के ऊपर पहुंचा था। वहीं मार्च में विदेशी निवेश घटकर 10952 करोड़ रुपये हुआ, तो बाजार में गिरावट आई थी।