फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Bazar ›   Good opportunity to invest in IPO next year also this trend will continue next year also

निवेश मंत्रा: आईपीओ में अगले साल भी निवेश का अच्छा मौका, अगले साल भी जारी रहेगी यह धूम

Mon, 04 Dec 2023 05:47 AM IST
जलज मिश्रा अजीत सिंह, नई दिल्ली
अजीत सिंह, नई दिल्ली Published by: जलज मिश्रा Updated Mon, 04 Dec 2023 05:47 AM IST
सार

शेयर बाजार में इस समय अच्छी तेजी है। सेंसेक्स 67,000 के पार तो निफ्टी सार्वकालिक उच्च स्तर पर है। 77 कंपनियां आईपीओ लाने का इंतजार कर रही हैं। इनमें से 29 को पहले ही पूंजी बाजार नियामक सेबी से हरी झंडी मिल चुकी है। अन्य को मंजूरी का इंतजार है।

विज्ञापन
Good opportunity to invest in IPO next year also this trend will continue next year also
IPO - फोटो : Istock

विस्तार

चालू कैलेंडर साल में अब तक आईपीओ की जबरदस्त धूम रही है। अच्छी बात यह है कि 95 फीसदी इश्यू में निवेशकों को फायदा हुआ है। आईपीओ की यह धूम अगले साल भी रहेगी। आने वाले निर्गमों और उनमें निवेशकों को मिलने वाले मुनाफे का पूरा गणित बताती अजीत सिंह की रिपोर्ट-
विज्ञापन


शेयर बाजार में इस समय अच्छी तेजी है। सेंसेक्स 67,000 के पार तो निफ्टी सार्वकालिक उच्च स्तर पर है। 77 कंपनियां आईपीओ लाने का इंतजार कर रही हैं। इनमें से 29 को पहले ही पूंजी बाजार नियामक सेबी से हरी झंडी मिल चुकी है। अन्य को मंजूरी का इंतजार है। लोग बाजार में जबरदस्त निवेश कर रहे हैं। आईपीओ से लेकर सेकंडरी बाजार तक में पैसे आ रहे हैं। लेकिन, बड़ा सवाल यह है कि क्या आईपीओ को खरीदना हमेशा अच्छा विचार है?  
विज्ञापन


हर निर्गम बेहतर नहीं...लंबे समय में मुनाफा
आईपीओ को लेकर उत्साह समझ में आता है। हालांकि, शुरुआती चमक का मतलब कभी-कभी लंबे समय में सोना भी हाथ लग सकता है। जोर-शोर से प्रचार के बावजूद होनासा कंज्यूमर के शेयरों की लिस्टिंग फीकी रही। यह आश्चर्यजनक नहीं है, बल्कि आईपीओ के जोखिमों के बारे में एक चेतावनी है। हालांकि, इस समय इसका शेयर आईपीओ के भाव से 20 फीसदी ऊपर है। ऐसे कई सारे आईपीओ शुरुआत में फीके रहे, लेकिन लंबे समय में उन्होंने कई गुना मुनाफा दिया है। इसका मतलब अगर कंपनी अच्छी है तो वह आपको लंबे समय में फायदा दे सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


लोकप्रियता सफलता की गारंटी नहीं
ऐसा नहीं है कि बड़ी कंपनी है तो उसके आईपीओ में फायदा मिलेगा ही। उदाहरण के लिए, सबसे बड़े इश्यू के बावजूद एलआईसी का शेयर 18 महीने बाद भी आईपीओ के भाव से नीचे है। 2008 में आया अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस पावर का आईपीओ भी कुछ इसी तरह का रहा है। कल्याण जूलर्स और पेटीएम की हालिया लिस्टिंग की भी हालत यही रही। यह शेयर भी आईपीओ के भाव पर नहीं पहुंच पाया है। इसका मतलब कि लोकप्रियता शेयर बाजार में सफलता की गारंटी नहीं देती।

लिस्टिंग के बाद मिलती है ज्यादा स्पष्टता
लिस्टिंग के बाद कंपनियों को लेकर अधिक स्पष्टता होती है। किसी कंपनी की वित्तीय स्थिति, बुनियादी बातें और बाजार में प्रदर्शन का पता बाद में चलता है। ऐसे में आईपीओ के जाल में फंसने के बजाय कंपनी के प्रदर्शन के आधार पर अधिक जानकारी भरा निर्णय ले सकते हैं। इस समय के ज्यादातर इश्यू कंपनी के विकास के लिए धन जुटाने के बजाय मौजूदा शेयरधारकों को निकलने के लिए मौका देते हैं। यह बदलाव आईपीओ के माध्यम से नए निवेशकों के लिए वास्तविक मूल्य पर सवाल उठाता है।


मुकेश कोचर राष्ट्रीय संपत्ति प्रमुख, एयूएम कैपिटल ने बताया कि इस समय अर्थव्यवस्था के सारे आंकड़े मजबूत हैं। ऐसे में निवेशकों को वर्तमान माहौल में अपने पैसे को कई जगह पर लगाना चाहिए। साथ ही पोर्टफोलियो को फिर रीबैलेंसिंग (पुनर्संतुलन) करना चाहिए। 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed