Gold Silver Price: वैश्विक बाजार से जुड़ी जोखिमों के कारण सोना-चांदी रिकॉर्ड हाई पर, जानें आज का भाव
Gold Silver Price: सोने-चांदी की कीमतों में उछाल का सिलसिला जारी है। राजधानी दिल्ली में सोने की कीमत 2,700 रुपये की तेजी के साथ 1,18,900 रुपये प्रति 10 ग्राम के नए शिखर पर पहुंच गई। वहीं चांदी की कीमत भी 3,220 रुपये की तेजी के साथ 1,39,600 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई।
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फेड की ओर से ब्याज दरों में कटौती और वैश्विक संकेतों के चलते सोने-चांदी की कीमतों में उछाल का सिलसिला जारी है। राजधानी दिल्ली में मंगलावर को सोने की कीमत 2,700 रुपये की तेजी के साथ 1,18,900 रुपये प्रति 10 ग्राम के नए शिखर पर पहुंच गई। वहीं अमेरिकी एच-1बी वीजा शुल्क वृद्धि के कारण रुपया नए निचले स्तर पर पहुंच गया। 99.5 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 2,650 रुपये की तेजी के साथ 1,18,300 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। चांदी की कीमत भी 3,220 रुपये की तेजी के साथ 1,39,600 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई। अखिल भारतीय सर्राफा संघ ने इसकी पुष्टि की है।
डॉलर के मुकाबले रुपया सर्वकालिक निम्न स्तर पर पहुंचा
व्यापारियों ने कहा कि अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में भारी गिरावट से कीमती धातु की कीमतों में तेजी आई। मंगलवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 47 पैसे टूटकर 88.75 (अनंतिम) के सर्वकालिक निम्न स्तर पर पहुंच गया। ऐसा अमेरिकी एच-1बी वीजा शुल्क में भारी वृद्धि के कारण विदेशी पूंजी के निरंतर निकासी के बीच हुआ है। इस वृद्धि से भारतीय आईटी सेवा निर्यात को बड़ा झटका लगने की आशंका है।
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एमसीएक्स पर सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंचा सोना
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर अक्टूबर डिलीवरी के लिए सोना वायदा भाव 520 रुपये या 0.46 प्रतिशत उछलकर 1,12,750 रुपये प्रति 10 ग्राम के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया। इसी प्रकार, दिसंबर अनुबंध 530 रुपये या 0.46 प्रतिशत बढ़कर 1,13,750 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया, जो भी एक नया रिकॉर्ड है।
चांदी की कीमतों में तेजी जारी
चांदी की कीमतों में भी तेजी जारी रही और यह नई ऊंचाइयों को छू गई। दिसंबर डिलीवरी वाले चांदी वायदा का भाव 461 रुपये या 0.34 प्रतिशत बढ़कर 1,34,016 रुपये प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। अगले साल मार्च डिलीवरी वाले चांदी वायदा का भाव एमसीएक्स पर 508 रुपये या 0.37 प्रतिशत बढ़कर 1,35,397 रुपये प्रति किलोग्राम के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया।
इन कारकों से सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ी
विश्लेषकों ने बुलियन में लगातार तेजी के लिए कई कारकों को जिम्मेदार ठहराया। इनमें अमेरिकी फेड द्वारा वर्ष की पहली ब्याज दर में कटौती, आगे भी नरमी की संभावना, भू राजनीतिक तनाव के कारण सुरक्षित निवेश की मांग और केंद्रीय बैंक की निरंतर खरीद शामिल हैं।
चांदी 15 वर्षों के मजबूत स्तर पर पहुंची
मेहता इक्विटीज लिमिटेड के कमोडिटीज के उपाध्यक्ष राहुल कलंत्री ने कहा कि सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं और दोनों धातुएं नए रिकॉर्ड पर पहुंच गई हैं। सोना अपने सर्वकालिक उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। वहीं चांदी लगभग 15 वर्षों के अपने सबसे मजबूत स्तर पर पहुंच गई है।
कलांत्री ने कहा कि फेड द्वारा ब्याज दर में 25 आधार अंकों की कटौती और साल के अंत तक और अधिक ढील की संभावनाओं ने धारणा को मजबूत किया। कमजोर डॉलर सूचकांक और कमजोर रुपये ने घरेलू सर्राफा कीमतों को और बढ़ावा दिया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीदारी, ईटीएफ में मजबूत निवेश और सुरक्षित निवेश के लिए खरीदारी से कीमती धातुओं की मजबूती को और बढ़ावा मिला।
वैश्विक बाजारों में बढ़े सोने-चांदी के दाम
वैश्विक बाजारों में सोना हाजिर 1 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 3,791.10 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। हाजिर चांदी 0.57 प्रतिशत बढ़कर 44.32 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी।
निवेशकों को जेरोम पॉवेल की टिप्पणी का इंतजार
रिलायंस सिक्योरिटीज के वरिष्ठ शोध विश्लेषक जिगर त्रिवेदी ने कहा कि इस साल फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में और कटौती की उम्मीदों के चलते सोने ने नया रिकॉर्ड बनाया है। फेड ने पिछले हफ्ते साल की पहली ब्याज दरों में कटौती की और श्रम बाजार के कमजोर होने के कारण आगे और कटौती के संकेत दिए। इसने बाजार सहभागियों को इस साल की बाकी बैठकों में लगभग दो और 25 आधार अंकों की कटौती की उम्मीद करने के लिए प्रेरित किया है।
त्रिवेदी ने कहा कि व्यापारी अब फेड अध्यक्ष जेरोम पॉवेल की दिन में बाद में आर्थिक परिदृश्य पर टिप्पणी का इंतजार कर रहे हैं। साथ ही शुक्रवार को जारी होने वाले व्यक्तिगत उपभोग व्यय मूल्य सूचकांक, फेड के पसंदीदा मुद्रास्फीति सूचकांक का भी इंतजार कर रहे हैं, ताकि मौद्रिक नीति के बारे में आगे की दिशा तय की जा सके।
भू-राजनीतिक जोखिमों ने सुरक्षित निवेश को बढ़ावा दिया
निवेशकों ने यह भी बताया कि लंबे समय से चल रहे रूस-यूक्रेन युद्ध व पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्षों से उत्पन्न भू-राजनीतिक जोखिमों ने सुरक्षित निवेश प्रवाह को बढ़ा दिया है। इससे उच्च स्तर के बावजूद बुलियन में तीव्र गिरावट को रोका जा सका है।