Gold Silver Price: पश्चिम एशिया में तनाव घटने से सर्राफा बाजार में नरमी, सोना 930 रुपये लुढका, चांदी भी टूटी
बहुमुल्य धातुओं में गिरावट का सिलसिला जारी है। शुक्रवार को सोने का भाव 930 रुपये टूटकर 97,670 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। वहीं चांदी की कीमत 100 रुपये की गिरावट के साथ 1,03,000 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) पर आ गई।
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पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और अमेरिका-चीन के बीच व्यापार समझौते को लेकर खबरों ने सोने की मांग को कमजोर किया। शुक्रवार को राजधानी दिल्ली में सोना का भाव 930 रुपये टूटकर 97,670 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। 99.5 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने का भाव 850 रुपये घटकर 97,200 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) रह गया। चांदी की कीमत 100 रुपये की गिरावट के साथ 1,03,000 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) पर आ गई। अखिल भारतीय सर्राफा संघ ने इसकी पुष्टी की है।
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भू-राजनीतिक तनाव कम होने से सुरक्षित निवेश की मांग घटी
अबान्स फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य कार्यकारी अधिकारी चिंतन मेहता ने कहा कि पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव कम होने से सुरक्षित निवेश की मांग में कमी आई। मजबूत मुनाफावसूली के कारण सोने की कीमतों में गिरावट जारी है। इसके अलावा महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य में कोई बाधा उत्पन्न नहीं होने से कच्चे तेल की कीमतों में भी गिरावट आई है। मेहता ने कहा कि इस गिरावट से बाजारों में तत्काल जोखिम प्रीमियम कम हो गया है, जिससे सोने पर दबाव बढ़ गया है।
निवेशकों को है फेड ब्याज दर में कटौती का इंतजार
विदेशी बाजार में सोना हाजिर 43.45 डॉलर या 1.31 प्रतिशत गिरकर 3,284.40 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। आनंद राठी शेयर्स एंड स्टॉक ब्रोकर्स के एवीपी मनीष शर्मा ने कहा कि निवेशकों को अब अमेरिकी व्यक्तिगत उपभोग व्यय (पीसीई) मूल्य सूचकांक के आंकड़ों के जारी होने का इंतजार है, जिससे फेडरल की ब्याज दर में कटौती के बारे में और संकेत मिल सकेंगे।
कमजोर डॉलर ने जोखिमपूर्ण परिसंपत्तियों की मांग बढ़ाई
एलकेपी सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट रिसर्च एनालिस्ट जतीन त्रिवेदी के अनुसार, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल की हाल की टिप्पणियों से संकेत मिलता है कि ब्याज दरों में कटौती निकट भविष्य में नहीं होने वाली है। इससे सर्राफा कीमतों पर और दबाव पड़ा है। त्रिवेदी ने कहा कि कमजोर डॉलर सूचकांक ने वैश्विक जोखिम में कमी की पुष्टि की है, जिससे निवेशकों को इक्विटी और क्रिप्टोकरेंसी जैसी जोखिमपूर्ण परिसंपत्तियों में धन लगाने के लिए प्रेरित किया है।