Gold Silver Price: सोना 200 रुपये गिरकर 79000 रुपए प्रति 10 ग्राम पर, चांदी 2400 रुपये मजबूत हुई
Gold Silver Price: अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ब्रिक्स देशों पर भारी टैरिफ लगाने की धमकी दिए जाने के बाद डॉलर में मजबूती आने से पिछले सत्र में सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखी गई। आइए जानें सर्राफा बाजार का विस्तृत हाल।
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अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी में मंगलवार को सोने की कीमत में लगातार दूसरे दिन गिरावट आई और यह 200 रुपये टूटकर 79,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई। सोमवार को 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाली पीली धातु 79,200 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुई।
हालांकि, चांदी की कीमत 2,400 रुपये बढ़कर 92,400 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई, जबकि पिछले कारोबारी सत्र में यह 90,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। कारोबारियों के अनुसार चांदी बाजार में तेजी का रुख मुख्य रूप से औद्योगिक मांग के कारण है। 99.5 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने का भाव 200 रुपए घटकर 78,600 रुपए प्रति 10 ग्राम रह गया। सोमवार को यह 78,800 रुपए प्रति 10 ग्राम के भाव पर बंद हुआ था।
इस बीच, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर वायदा कारोबार में फरवरी डिलीवरी वाले सोना के अनुबंध की कीमत 146 रुपये या 0.19 प्रतिशत की तेजी के साथ 76,833 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई। मार्च डिलीवरी वाले चांदी अनुबंध की कीमत 1,251 रुपये या 1.38 प्रतिशत बढ़कर 92,061 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई। वैश्विक स्तर पर कॉमेक्स सोना वायदा 7.40 डॉलर प्रति औंस या 0.28 प्रतिशत बढ़कर 2,665.90 डॉलर प्रति औंस हो गया।
सर्राफा बाजार की कीमतों पर क्या है जानकारों की राय?
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के कमोडिटी रिसर्च विश्लेषक मानव मोदी ने कहा, "अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ब्रिक्स देशों पर भारी टैरिफ लगाने की धमकी दिए जाने के बाद डॉलर में मजबूती आने से पिछले सत्र में सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखी गई।"
ट्रंप की धमकी से वैश्विक मुद्राओं पर असर पड़ा और डॉलर में उछाल आया। व्यापारियों के बीच अमेरिका की ओर से और भी अधिक संरक्षणवादी नीतियों की आशंका दिखी। मोदी ने कहा कि इससे रुपये में और गिरावट आई और यह अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया।
उन्होंने कहा कि इस्राइल-हिजबुल्लाह युद्ध विराम के जारी रहने के संकेतों के कारण सोने की मांग में कमी आई। हालांकि रूस और यूक्रेन के बीच बढ़ते तनाव के कारण थोड़ी ही सही सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की खरीदारी हो रही है।
अबांस होल्डिंग्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी चिंतन मेहता के अनुसार, उम्मीद से बेहतर अमेरिकी विनिर्माण पीएमआई आंकड़ों के कारण अमेरिकी डॉलर को मजबूती मिलने से सोने की कीमतें स्थिर रहीं। मेहता ने कहा कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व के गवर्नर क्रिस्टोफर वालर ने सोमवार को गिरती मुद्रास्फीति और लचीले श्रम बाजार के प्रति आशावाद बनाए रखा और दिसंबर में दरों में कटौती करने की इच्छा जताई।