FII: शेयर बाजार में एफआईआई ने दूसरी बार किया रिकॉर्ड निवेश, जीडीपी बढ़ने का अनुमान
आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के अनुसार, अमेरिका के केंद्रीय बैंक के महंगाई में नरम दृष्टिकोण से अमेरिका में 10 वर्षीय बॉन्ड का ब्याज एक साल में 4% के करीब पहुंच गया है।
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विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने भारतीय शेयर बाजार में अब तक का दूसरा सबसे बड़ा निवेश किया है। चालू वित्त वर्ष में इन निवेशकों ने इक्विटी में शुद्ध रूप से 1,56,818 करोड़ रुपये का निवेश किया है। इससे पहले 2020-21 में रिकॉर्ड 2.70 लाख करोड़ रुपये का निवेश हुआ था।
एफआईआई ने भारतीय बाजार में 1992-93 से निवेश शुरू किया था और उस समय केवल 13 करोड़ रुपये लगाए थे। आंकड़ों के मुताबिक, अब तक पांच वित्त वर्ष में इनका निवेश एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा रहा है। इसमें 2014-15 में 1.11 लाख करोड़ रुपये, 2012-13 में 1.40 लाख करोड़ रुपये, 2010-11 में 1.10 लाख करोड़ रुपये का निवेश था।
भारत के लिए विकास का नजरिया मजबूत
आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के अनुसार, अमेरिका के केंद्रीय बैंक के महंगाई में नरम दृष्टिकोण से अमेरिका में 10 वर्षीय बॉन्ड का ब्याज एक साल में 4% के करीब पहुंच गया है। महंगाई के दृष्टिकोण को देखते हुए बॉन्ड का ब्याज ऊपरी सीमा के करीब होने का अनुमान है। इससे एफपीआई की निकासी को लेकर चिंताएं कम हैं। बुरे फंसे कर्जों के कम होने, मजबूत निवेश से चीन की तुलना में भारत के लिए विकास का नजरिया मजबूत बना हुआ है।
इसलिए आ रहा है भारत में विदेशी निवेश
- कंपनियों की आय मजबूत। कमाई में वृद्धि जारी है।
- कुछ वर्षों तक सबसे तेज बढ़ेगी भारत की जीडीपी।
- बैंकों का बुरा फंसा कर्ज 10 साल के निचले स्तर पर पहुंच गया है और मुनाफा दो अंकों में।
निवेश का मूल्य 53 लाख करोड़ रुपये
शेयर बाजार में एफआईआई के निवेश का मूल्य जून, 2022 की तुलना में 17 फीसदी बढ़कर जुलाई तक 53.2 लाख करोड़ रुपये रहा है। इन्होंने सभी क्षेत्रों में खरीदारी की है। ज्यादातर निवेश वित्तीय, औद्योगिक, खपत, ऊर्जा में रहा है।