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7 सदस्यीय मंत्रिसमूह राज्यों की आमदनी में कमी पर करेगा गौर, सुशील मोदी करेंगे अध्यक्षता

Sun, 13 Jan 2019 03:29 PM IST
Shilpa Thakur नई दिल्ली, भाषा 
नई दिल्ली, भाषा  Published by: Shilpa Thakur Updated Sun, 13 Jan 2019 03:29 PM IST
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7 member group of ministers will examine the revenue shortfall of states due to GST
सुशील मोदी

बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी की अगुवाई में सात सदस्यीय मंत्रिसमूह माल एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू किये जाने के बाद राज्यों की आमदनी में आ रही कमी के मुद्दे की समीक्षा करेगा। साथ ही उनकी आय बढ़ाने के लिए अपनी सिफारिशें भी सौंपेगा। यह बात जीएसटी परिषद की ओर से जारी अधिसूचना में यह कही गई है।


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केंद्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली की अगुवाई वाली जीएसटी परिषद ने 22 दिसंबर, 2018 को जीएसटी लागू किए जाने के बाद से राज्यों के राजस्व में कमी के कारणों के विश्लेषण के लिए मंत्रिसमूह बनाने का निर्णय किया था।

एक जुलाई, 2017 को जीएसटी लागू होने के बाद पंजाब, हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, ओडिशा, गोवा, बिहार, गुजरात और दिल्ली की आय में कमी दर्ज की गयी है। अप्रैल-नवंबर की अवधि में इन राज्यों की आय में 14-37 फीसदी तक की कमी देखी गई है।

केंद्रशासित प्रदेशों में पुडुचेरी को सबसे अधिक नुकसान उठाना पड़ा है। उसकी आय में 43 फीसदी की कमी आयी है। समिति जीएसटी लागू किए जाने से पहले और बाद में प्रदेशों द्वारा अर्जित किए जाने वाले राजस्व के स्वरूप पर गौर करेगी।

पंजाब के वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल, केरल के वित्त मंत्री थॉमस इसाक, कर्नाटक के ग्रामीण विकास मंत्री कृष्णा बी. गौड़ा, ओडिशा के वित्त मंत्री शशि भूषण बेहेरा, हरियाणा के राजस्व मंत्री कैप्टन अभिमन्यु और गोवा के पंचायत मंत्री मौविन गोडिन्हो इस मंत्रिसमूह के सदस्य होंगे।

जीएसटी लागू होने के बाद 31 राज्य सरकारों में केवल आंध्र प्रदेश और पूर्वोत्तर के पांच राज्य मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, सिक्किम और नागालैंड की आय बढ़ी है।

अप्रैल-नवंबर 2018 की अवधि में केंद्र सरकार ने राज्यों के राजस्व के नुकसान के मुआवजे के तौर पर 48,202 करोड़ रुपये जारी किए हैं। जबकि वित्त वर्ष 2017-18 की पूरी अवधि में यह मुआवजा राशि 48,178 करोड़ रुपये थी।

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