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Trending: महिला के लिए पानी बना दुश्मन, छूते ही जल जाता है शरीर, 61 साल में सिर्फ 37 लोगों को हुई ये बीमारी
Mon, 24 Feb 2025 08:49 PM IST
धर्मेंद्र सिंह
फीचर डेस्क, अमर उजाला
फीचर डेस्क, अमर उजाला
Published by: धर्मेंद्र सिंह
Updated Mon, 24 Feb 2025 08:49 PM IST
सार
Trending News: ब्रिटिश महिला पानी की एक दुर्लभ एलर्जी 'एक्वाजेनिक अर्टिकेरिया' से पीड़ित है। इसके कारण महिला का जीवन कठिनाइयों से भर गया है। केंडल ब्राइस की उम्र सिर्फ 25 साल है।
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महिला के लिए पानी बन गया दुश्मन, छूते ही जलने लगता है शरीर (प्रतीकात्मक फोटो)
- फोटो : Freepik
विस्तार
Trending News: जल के बिना पृथ्वी पर जीवन संभव नहीं है। जीवित रहने के लिए हर किसी को पानी की जरूरत होती है, लेकिन एक महिला का पानी दुश्मन बन गया है। यह महिला ब्रिटेन के रहने वाली है, जिसका नाम केंडल ब्राइस है। ब्रिटिश महिला पानी की एक दुर्लभ एलर्जी 'एक्वाजेनिक अर्टिकेरिया' से पीड़ित है। इसके कारण महिला का जीवन कठिनाइयों से भर गया है। केंडल ब्राइस की उम्र सिर्फ 25 साल है।
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मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मामला इतना गंभीर है कि महिला के लिए नहाना भी कठिन है। केंडल का कहना है कि जब वह शावर लेती हैं या अचानक बारिश में भीग जाती है, तो उनके शरीर पर जलन और सूजन हो जाती है। इससे वह आग से जलने जैसी महसूस करती हैं।
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इस दुर्लभ एलर्जी की वजह से उन्हें शारीरिक दर्द के साथ ही मानसिक तनाव का भी सामना करना पड़ता है। वह ठीक से शरीर की सफाई नहीं कर पाती हैं। केंडल ने बताया है कि इस बीमारी की वजह से वह सप्ताह में सिर्फ दो बार ही नहीं पाती हैं, क्योंकि इसके साइड इफेक्ट्स बेहद गंभीर हैं।
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एक्वाजेनिक अर्टिकेरिया को वाटर एलर्जी भी कहा जाता है। यह एक प्रकार की अर्टिकेरिया (हाइव्स) है। इस बीमारी के कारण पानी के संपर्क आते ही पीड़ित व्यक्ति के शरीर पर दर्दनाक चकत्ते हो जाते हैं। इससे त्वचा का रंग लाल हो जाता है। ज्यादातार मामलों में यह बीमारी किशोरावस्था के बाद होती है। अभी तक 1964 से लेकर सिर्फ 37 मामलें सामने आए हैं।
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केंडल के मुताबिक, इस बीमारी के शुरुआत में वह सिर्फ त्वचा पर तीखे दर्द जैसे कांटे चुभने का अहसास करती थीं, लेकिन अब यह दर्द बढ़ चुका है। उन्हें लगता है कि किसी ने उनके शरीर पर लाइटर जला दिया है। वह अपने एक साल की बच्ची नहीं नहला पाती हैं। इसमें उनकी मां सहायता करती हैं। अभी तक वैज्ञानिक यह नहीं पता लगा पाए हैं कि इस बीमारी का असली वजह क्या है। इस दुर्लभ एलर्जी का कोई स्थायी इलाज नहीं है।