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मां की कब्र के बगल में बेटे ने जीते जी खोद दी अपनी कब्र, 27 साल से कर रहा ऐसा काम, वजह जानकर भर आएंगी आंखें
Thu, 05 Nov 2026 03:00 PM IST
दीक्षा पाठक
फीचर डेस्क, अमर उजाला
फीचर डेस्क, अमर उजाला
Published by: दीक्षा पाठक
Updated Thu, 05 Nov 2026 03:00 PM IST
सार
Viral Story: बिहार के गोपालगंज में रहने वाले मंजूर हसन ने अपनी मां की कब्र के ठीक बगल में अपनी कब्र बनवा ली है। मां के निधन के 27 साल बाद भी वह रोज उनकी कब्र के पास समय बिताते हैं। उन्होंने अपने लिए हरा कफन भी खरीदकर रख लिया है। जानिए मां के लिए उनके इस अनोखे प्यार की पूरी कहानी।
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मां से बिछड़ने का दर्द नहीं हुआ कम
- फोटो : AI
विस्तार
कहते हैं कि मां का प्यार दुनिया में सबसे अनमोल होता है। मां के जाने के बाद उसकी कमी कभी पूरी नहीं हो सकती। कुछ लोग वक्त के साथ इस दर्द को संभालना सीख जाते हैं, लेकिन कुछ के लिए मां की याद ही पूरी जिंदगी बन जाती है। बिहार के गोपालगंज से एक ऐसी ही भावुक कर देने वाली कहानी सामने आई है। यहां एक बेटे का अपनी मां के लिए प्यार देखकर हर कोई हैरान है। मां को इस दुनिया से गए 27 साल हो चुके हैं, लेकिन बेटे का लगाव आज भी पहले जैसा ही है। इतना ही नहीं, उसने अपनी जिंदगी में ही मां की कब्र के ठीक बगल में अपनी कब्र भी बनवा ली है।
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सोशल मीडिया पर वायरल हुई यह कहानी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह कहानी गोपालगंज जिले के बरौली ब्लॉक के बल्हा गांव में रहने वाले मंजूर हसन की है। मंजूर तीन भाइयों में सबसे छोटे हैं। उनके पिता का नाम स्वर्गीय मुबारक हुसैन था। उनकी मां शाह शहरबानो हसनी का निधन जून 1999 में हो गया था। मां के जाने के बाद मंजूर की जिंदगी में ऐसा खालीपन आया, जिसे वह आज तक महसूस करते हैं।
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27 साल बाद भी मां की कब्र के पास बिताते हैं समय
मां के निधन के बाद से ही मंजूर का ज्यादातर समय उनकी कब्र के आसपास ही गुजरता है। वह नियमित रूप से वहां जाते हैं, कब्र की साफ-सफाई करते हैं और बैठकर दुआ मांगते हैं। उनके लिए यह जगह सिर्फ मां की कब्र नहीं, बल्कि उनसे जुड़ी यादों का सबसे खास हिस्सा है। वक्त गुजरता गया, लेकिन मां के प्रति उनका प्यार कम नहीं हुआ।
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मां से दूर न होना पड़े, इसलिए पहले ही कर लिया इंतजाम
मंजूर के मन में एक बात हमेशा रहती थी कि उनकी मौत के बाद कहीं उन्हें मां की कब्र से दूर न दफना दिया जाए। इसी ख्याल को ध्यान में रखते हुए उन्होंने जीते जी मां की कब्र के ठीक बगल में अपनी कब्र बनवा ली। इतना ही नहीं उन्होंने अपने लिए हरे रंग का कफन भी खरीदकर रख लिया है। उन्हें हरा रंग बेहद पसंद है और वह इसे हुसैनी परंपरा से जोड़कर देखते हैं। मंजूर का कहना है कि दुनिया में उनका काम पूरा हो चुका है और अब उन्हें सिर्फ अल्लाह के बुलावे का इंतजार है। उनकी आखिरी ख्वाहिश यही है कि इस दुनिया से जाने के बाद भी उन्हें अपनी मां के करीब ही जगह मिले।
गांव के लोगों के बीच भी है खास पहचान
मंजूर की पहचान सिर्फ मां के प्रति उनके प्यार तक सीमित नहीं है। उन्होंने अपने पैसों से गांव में मदरसा, मस्जिद और बच्चों की पढ़ाई के लिए स्कूल भी बनवाया है। यही वजह है कि गांव के लोग उनकी इज्जत करते हैं। मां के प्रति उनका लगाव भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। सोशल मीडिया पर उनकी कहानी सामने आने के बाद लोग भावुक हो रहे हैं। कई यूजर्स ने इसे मां-बेटे के रिश्ते की अनोखी मिसाल बताया है। एक यूजर ने लिखा कि आज के समय में ऐसा बेटा मिलना मुश्किल है। वहीं, दूसरे ने कहा कि मां और बेटे के प्यार की इससे बड़ी मिसाल क्या होगी।
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