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दूसरे सौरमंडल से आया अंतरिक्ष का वो 'घुसपैठिया', जिसे देखकर वैज्ञानिक भी थे हैरान

Thu, 09 Jan 2020 01:06 PM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सोनू शर्मा Updated Thu, 09 Jan 2020 01:06 PM IST
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Oumuamua The First Interstellar Object Came from another Solar System
अंतरिक्ष का 'घुसपैठिया' - फोटो : Social media

कुछ-कुछ सिगार की शक्ल वाला अंतरिक्ष में ये 'घुसपैठिया' बेतरतीब तरीके से घूम रहा है और वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले अरबों सालों तक वो ऐसा ही करता रहेगा। हमारे सौरमंडल से बाहर के इस ऐस्टरॉइड या क्षुद्रग्रह से टकराकर आ रही रोशनी पर रिसर्च के बाद बेलफास्ट के वैज्ञानिकों ने ये बात कही है। क्वींस यूनिवर्सिटी के डॉक्टर वेस फ्रेजर कहते हैं कि कभी न कभी इसकी टक्कर हुई होगी। बीबीसी ने अपने कार्यक्रम 'स्काई एट नाइट' में उनकी टीम के शोध को शामिल किया था और इस रिसर्च रिपोर्ट को साल 2018 में 'नेचर एस्ट्रोनॉमी' में प्रकाशित किया गया था। 

Oumuamua The First Interstellar Object Came from another Solar System
अंतरिक्ष का 'घुसपैठिया' - फोटो : Social media

2017 में अक्तूबर के महीने में वैज्ञानिकों को अपनी ओर आकर्षित करने वाले इस अजीब खगोलीय वस्तु को 'ओउमुआमुआ' नाम दिया गया है। इसके बारे में एक और दिलचस्प जानकारी सामने आई है। ओउमुआमुआ किसी अन्य सौरमंडल से आया है। आकाश में इसके रास्ते से पता चलता है कि ये हमारे पड़ोसी सौरमंडल में उत्पन्न नहीं हुआ है। शुरू में ये सोचा गया कि ये चीज धूमकेतु हो सकती है, लेकिन इसमें धूमकेतु के व्यवहार, जैसे- धूल कण, बर्फ और गैस मिश्रित पुच्छल संरचना जैसा कुछ नहीं पाया गया। 

Oumuamua The First Interstellar Object Came from another Solar System
अंतरिक्ष का 'घुसपैठिया' - फोटो : Flickr

ओउमुआमुआ क्षुद्रग्रह जैसा है, लेकिन इसका आकार असामान्य है क्योंकि इसे सिगार या खीरे जैसा बताया जा रहा है। इसकी अधिकतम लंबाई-चौड़ाई 200 मीटर बताई जा रही है। क्वींस यूनिवर्सिटी की टीम इसकी प्रकृति और इसके घूर्णन का सटीक पता लगाना चाहती थी। ऐसा करने के लिए टीम ने कुछ समय तक इसकी चमक की विविधताओं का अध्ययन किया।

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Oumuamua The First Interstellar Object Came from another Solar System
अंतरिक्ष का 'घुसपैठिया' - फोटो : Social media

डॉक्टर फ्रेजर और उनकी टीम ने पाया कि यह अन्य छोटे तारों (क्षुद्र ग्रहों) की तरह एक अंतराल पर नहीं घूम रहा बल्कि यह अव्यवस्थित तरीके से घूम रहा था। ये किसी जिम्नास्ट की तरह पलट रहा था। साल 2018 में बीबीसी फोर के स्काई ऐट नाइट कार्यक्रम में क्वींस यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने इसे टेबल टेनिस के बैट की मदद से दिखाया था। रिसर्च टीम ने बीबीसी फोर के प्रस्तुतकर्ता क्रिस लिन्टॉट से कहा था कि यह बहुत तेजी से डगमगाने लगता है और यही कारण है कि हम इसे पलटने वाला कह रहे हैं। 

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Oumuamua The First Interstellar Object Came from another Solar System
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

बहुत संभावना है कि ओउमुआमुआ पहले किसी वस्तु से टकराया होगा। शोधकर्ता उस टक्कर का वास्तविक समय नहीं बताते, लेकिन वो कहते हैं कि इसका इसी तरह पलटना कम से कम एक अरब साल तक जारी रहेगा। वो कहते हैं कि पलटने से इसके सतह पर तनाव और विकृति पैदा होती है जिससे निश्चित ही जैसे धरती पर ज्वार आता है और धीरे धीरे कम होता है, उसी तरह इसकी ऊर्जा में कमी आएगी। हालांकि यह प्रक्रिया बहुत धीमी है और इसमें बहुत लंबा वक्त लगेगा। वो कहते हैं कि हम इसकी हाई-रिजॉल्यूशन इमेज नहीं ले सके हैं जिससे ये देख सकें कि इसकी सतह पर कोई गड्ढा तो नहीं है, जिससे यह पता चल सके कि इसने पलटना कब शुरू किया था।

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