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दुनिया की सबसे खतरनाक जगह! जहां जाने वाला कभी नहीं लौटकर आता
Mon, 21 Sep 2026 06:09 PM IST
धर्मेंद्र कुमार सिंह
फीचर डेस्क, अमर उजाला
फीचर डेस्क, अमर उजाला
Published by: धर्मेंद्र कुमार सिंह
Updated Mon, 21 Sep 2026 06:09 PM IST
सार
अंडमान-निकोबार के सेंटिनल द्वीप को बेहद खतरनाक माना जाता है। यहां पर जाने वाला कभी लौटकर नहीं आता है। यहां पर रहने वाली सेंटिनल जनजाति उन्हें मार देती है।
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दुनिया की सबसे खतरनाक जगह! जहां जाने वाला कभी नहीं लौटकर आता
- फोटो : AI
विस्तार
दुनिया में कई ऐसी जगहें, जिन्हें बेहद खतरनाक माना जाता है। इन जगहों पर जाने वाले इंसान का जिंदा लौटकर आना मुश्किल होता है। भारत में भी एक ऐसी खतरनाक जगह है। यह जगह उत्तरी सेंटिनल द्वीप है, जो समुद्र के बीच घने जंगलों से घिरा है। अंडमान-निकोबार के सेंटिनल द्वीप पर दुनिया के सबसे अलग-थलग लोग रहते हैं, जो सेंटेनलीज आदिवासी हैं। इन आदिवासियों का अभी तक आधुनिक दुनिया से संपर्क नहीं हो सका है।
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इस द्वीप पर रहने वाली सेंटिनली जनजाति आज भी शिकार करके अपना पेट पालती है। इनका इतिहास रहा है कि धनुष और बाण का इस्तेमाल करके घुसपैठियों को भगाते हैं। उत्तरी सेंटिनल द्वीप पर रहने वाली सेंटेनली जनजाति दुनिया से दूर रहती है। स्थानीय प्रशासन ने जनजाति को संरक्षित करने के लिए इस द्वीप के चारों तरफ 5 किलोमीटर के इलाके को प्रतिबंधित कर रखा है।
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एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, 2004 की सुनामी के बाद, सेंटिनलीज की जानकारी हासिल करने के लिए जब हेलीकॉप्टर भेजे गए तो उन आदिवासियों ने उन पर भी तीर चलाया था। सेंटिनल द्वीप पर जाने वाले लोगों को सेंटेनलीज आदिवासियों ने तीर से छलनी कर मार दिया।
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एक अन्य मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एक मिशनरी ने कुछ साल पहले आदिवासियों से चोरी-चुपके मिलने की कोशिश की, लेकिन द्वीप पर उतरते ही चाऊ नाम के मिशनरी पर आदिवासियों ने तीरों की बौछार कर दी। कबीले के लोगों ने उसकी हत्या कर दी और उन पर मुकदमा भी नहीं चलाया जा सकता। इसकी वजह यह है कि उनसे संपर्क करना गैरकानूनी है। वे एक संरक्षित जनजाति हैं।
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इस आदिवासी समुदाय को बचाने के लिए उत्तर सेंटिनल द्वीप लोगों के जाने पर रोक है, क्योंकि इन लोगों में सामान्य फ्लू को झेलने लायक रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास नहीं हुआ है। बाहरी लोगों के घुसपैठ के डर से उनकी आक्रामकता इस द्वीप को आम इंसानों के लिए खतरनाक साबित होते हैं।