केरल के तिरुअनन्तपुरम में स्थित पद्मनाभस्वामी मंदिर के बारे में तो आपने जरूर सुना होगा, क्योंकि यह मंदिर अपने रहस्य और अथाह खजाने की वजह से दुनियाभर में प्रसिद्ध है। इसे भारत का सबसे अमीर मंदिर भी कहा जाता है। इस मंदिर में कई गुप्त तहखाने बने हैं, जिसमें से कुछ को खोला जा चुका है और उसमें से अरबों-खरबों का खजाना भी मिला है, लेकिन इसका सातवां दरवाजा आज तक खोला नहीं गया है या यूं कहें कि कोई भी उसे खोल नहीं पाता है। बताया जाता है कि इसके पीछे एक गहरा रहस्य छुपा हुआ है।
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पद्मनाभस्वामी मंदिर
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पद्मनाभस्वामी मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है। यह एतिहासिक मंदिर तिरुअनंतपुरम के अनेक पर्यटन स्थलों में से एक है। बताया जाता है कि इस मंदिर को 16वीं शताब्दी में त्रावणकोर के राजाओं ने बनवाया था। ऐसा माना जाता है कि उन्होंने ही मंदिर के तहखानों में भारी मात्रा में खजाना छुपा कर रख दिया था।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
इस मंदिर के छह तहखाने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में खोले जा चुके हैं, जिसमें से भारी मात्रा में सोने-चांदी और हीरे-जवाहरात मिले हैं। इनकी कीमत अरबों-खरबों में बताई जाती है। कहते हैं कि इस मंदिर के सातवें तहखाने के दरवाजे को भी खोलने की कोशिश की गई थी, लेकिन दरवाजे पर बने बड़े से सांप के चित्र को देखकर काम रोक दिया गया। माना जाता है कि सातवें दरवाजे को खोलना अशुभ होगा।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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मान्यता है कि सातवां दरवाजा शापित है। जो कोई भी उसे खोलने की कोशिश करेगा, उसकी मौत हो जाएगी। साथ ही यह भी माना जाता है कि इस दरवाजे को खोलने से धरती पर प्रलय आ जाएगा। कहते हैं कि एक बार कुछ लोगों ने इसे खोलने की कोशिश की थी, लेकिन जहरीले सांपों के काटने से उनकी मौत हो गई थी।
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पद्मनाभस्वामी मंदिर के सातवें दरवाजे का रहस्य
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ऐसा माना जाता है कि सातवें दरवाजे को मंत्रोच्चार से बंद किया गया है और उसे उसी तरीके से खोला भी जा सकता है, लेकिन इसमें जरा सी भी चूक हुई तो मृत्यु निश्चित है। इन सभी वजहों से ही यह दरवाजा दुनिया के लिए एक रहस्य बना हुआ है।