अजब-गजब: आसमान में दिखे रहस्यमयी बादल, एलियन का हमला या कुछ और, नासा ने किया खुलासा
एक मछुआरे ने सोशल मीडिया प्लेटफाॅर्म टिकटॉक पर आसमान का एक ऐसा वीडियो शेयर किया है, जो लोगों से समझ से परे हैं। वीडियो में आसमान में दिख रहे बादलों में बड़े-बड़े छेद नजर आ रहे हैं।
विस्तार
अजब-गजब: दुनिया में अक्सर कई हैरान करने वाली प्राकृतिक घटनाएं होती हैं। कई कुछ ऐसा घटित होता है, जो लोगों के मन में डर पैदा कर देता है। हाल ही में अमेरिका के फ्लोरिडा में कुछ ऐसा ही घटना घटी है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। एक मछुआरे ने सोशल मीडिया प्लेटफाॅर्म टिकटॉक पर आसमान का एक ऐसा वीडियो शेयर किया है, जो लोगों से समझ से परे हैं। वीडियो में आसमान में दिख रहे बादलों में बड़े-बड़े छेद नजर आ रहे हैं।
वीडियो शेयर करते हुए मछुआरे ने कैप्शन में लिखा है, हम ऑफ की वेस्ट में मछली पकड़ रहे हैं। क्या कभी किसी ने ऐसे बादल देखे हैं? इस वीडियो को टिकटॉक पर @blacktiph अकाउंट से शेयर किया गया है। इस वीडियो पर लोग खूब कमेंट्स कर रहे हैं। एक शख्स ने लिखा है, बादल तो यूएफओ के आकार में हैं। आखिर यह क्या चल रहा है?
कुछ यूजर ने इस घटना को एलियंस से जोड़ा है। एक शख्स का कहना है कि यह जानने के लिए मैंने कई एलियन हमले की फिल्में देख लीं। दूसरे शख्स का कहना है कि मैंने जिंदगी के 50 सालों में भी कभी ऐसा नहीं देखा है। एक यूजर्स का कहना है कि एलियन हमला करने वाला है या कोई अनहोनी। यह बादल ऐसे क्यों है?
अजब-गजब: ब्रह्मांड में कैसे फैली रोशनी? वैज्ञानिकों ने जेम्स वेब टेलीस्कोप की मदद से रहस्य का लगाया पता
नासा ने बताई कहानी
एक शख्स के वीडियो पर अमेरिका अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने जवाब दिया है। नासा ने अपने टेरा उपग्रह से अजीबगरीब दिखने वाले बादलों की फोट ली और बताया कि इन्हें कैवम बादल, या 'होल-पंच क्लाउड' कहा जाता है। नासा ने बताया कि 1940 के दशक से ही शोधकर्ता इस घटना पर शोध कर रहे हैं, लेकिन 15 साल पहले ही उन्हें इसकी वजह के बारे में जानकारी मिल गई थी।
नासा अर्थ ने एक इंस्टाग्राम पोस्ट पर लिखा है, कि अब यह अच्छी तरह से समझ आ गया है कि यह अजीब बादलों का निर्माण हवाई जहाजों की वजह से होते हैं। जब विमान अल्टोक्यूम्यलस बादलों के किनारों से होकर उड़ते हैं, तो कैवम बादल का निर्माण होता है।
अजब-गजब: यहां चार हजार साल से जल रही है आग, हवा, बर्फ और बारिश भी नहीं बुझा पाई
मध्य स्तर के बादलों में सुपरकूल (पानी के हिमांक बिंदु से नीचे लेकिन अभी भी तरल) पानी की बूंदें होती हैं। हवा जैसे ही विमान के चारों तरफ घूमती है, एडियाबेटिक विस्तार नाम की एक प्रक्रिया हो सकती है। इस पानी बूंदें बर्फ के क्रिस्टल में जम जाती हैं, जो अंततः भारी हो जाते हैं और आकाश से गिर जाते हैं। इससे बादल की परत में एक छेद हो जाता है।