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Zara Hatke: नशे के लिए मां ने उजाड़ा बचपन तो 6 कुत्तों ने पाला, अब उन्हीं की तरह बात करता है बच्चा
Mon, 07 Jul 2025 10:33 AM IST
दीक्षा पाठक
फीचर डेस्क, अमर उजाला
फीचर डेस्क, अमर उजाला
Published by: दीक्षा पाठक
Updated Mon, 07 Jul 2025 10:33 AM IST
सार
Zara Hatke: यह घटना थाईलैंड के उत्तरादित प्रांत के लैप लाए जिले की है। यह इलाका ड्रग्स के मामलों के लिए बदनाम है। एक दिन एक स्कूल के प्रिंसिपल ने इस बच्चे को देखा। उन्होंने उससे बात करने की कोशिश की, लेकिन बच्चा इंसानी भाषा में जवाब देने के बजाय कुत्तों की तरह भौंकने लगा।
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प्रतिकात्मक तस्वीर
- फोटो : freepik.com
विस्तार
90 के दशक में दूरदर्शन पर आने वाला मशहूर शो ‘द जंगल बुक’ बच्चों के बीच जबरदस्त हिट रहा था। इसमें मोगली नाम का बच्चा जंगल में गुम हो जाता है और भेड़ियों के बीच पाला जाता है। बघीरा, बल्लू और का उसके दोस्त होते हैं, जबकि शेर खान उसका सबसे बड़ा दुश्मन। ये कहानी भले ही काल्पनिक थी, मगर थाईलैंड से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सभी को चौंका दिया है। यहां एक 8 साल का बच्चा असल में ‘मोगली’ जैसा जीवन जी रहा था। यह बच्चा कुत्तों के झुंड के साथ रह रहा था और उन्हीं की तरह भौंक कर बात करता था, यहां तक कि कुत्तों की भाषा समझ भी लेता था। आइए जानते हैं कि पूरी कहानी क्या है।
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छह कुत्तों ने मिलकर बच्चे को पाला, जानें क्यों
यह घटना थाईलैंड के उत्तरादित प्रांत के लैप लाए जिले की है। यह इलाका ड्रग्स के मामलों के लिए बदनाम है। एक दिन एक स्कूल के प्रिंसिपल ने इस बच्चे को देखा। उन्होंने उससे बात करने की कोशिश की, लेकिन बच्चा इंसानी भाषा में जवाब देने के बजाय कुत्तों की तरह भौंकने लगा। इसके बाद प्रिंसिपल ने तुरंत बच्चों और महिलाओं के हित में काम करने वाली संस्था फाउंडेशन फॉर चिल्ड्रन एंड वीमेन को इसकी सूचना दी।
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बच्चा कर रहा था कुत्तों जैसा व्यवहार
फाउंडेशन की अध्यक्ष पावीना होंगसाकुल 30 जून को अपनी टीम और पुलिस के साथ मौके पर पहुंचीं। वहां उन्होंने देखा कि बच्चा सचमुच कुत्तों जैसा व्यवहार कर रहा था। टीम ने तुरंत बच्चे को वहां से रेस्क्यू कर उत्तरादित चिल्ड्रन होम में शिफ्ट किया। जांच में सामने आया कि इस बच्चे की हालत के लिए उसकी मां जिम्मेदार थी। दरअसल, सरकार ने बच्चे की पढ़ाई के लिए उसकी मां को पैसे दिए थे। मगर मां ने बच्चे का स्कूल में दाखिला नहीं कराया और वह पैसे ड्रग्स खरीदने में खर्च कर दिए। यह बच्चा अपनी मां, बड़े भाई और छह कुत्तों के साथ एक रिश्तेदार के घर में रह रहा था। कुत्तों के बीच ही बचपन गुजारने की वजह से वह उन्हीं की तरह हरकतें करने लगा था।
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पुलिस ने मां को तुरंत किया गिरफ्तार
पुलिस ने जांच के बाद मां और भाई को ड्रग्स के सेवन के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। दोनों का यूरिन टेस्ट किया गया जिसमें ड्रग्स की पुष्टि हुई। बच्चे की मां की उम्र 46 साल और भाई की उम्र 23 साल है। पड़ोसियों ने बताया कि बच्चे की मां अक्सर मंदिर से पैसे और खाना मांगती थी और उसकी आदतों से लोग इतने परेशान थे कि उन्होंने अपने बच्चों को उस परिवार से दूर रहने को कहा था। जब बच्चे को कोई इंसानी साथी नहीं मिला, तो उसने कुत्तों को अपना दोस्त बना लिया और उनके साथ ही जीने लगा।फाउंडेशन फॉर चिल्ड्रन एंड वीमेन ने कहा है कि वे इस बच्चे को बेहतर शिक्षा और सुविधाएं उपलब्ध कराएंगे। अधिकारियों के मुताबिक, बच्चे की पढ़ाई के लिए सरकार से 400 बहत की मदद दी गई थी, लेकिन मां ने यह रकम ड्रग्स पर खर्च कर दी।