{"_id":"68779e2ac499b9fbcc0c9c62","slug":"mega-cities-in-india-see-high-concentration-of-ozone-pollution-this-summer-2025-07-16","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Ozone Pollution: भारत के इन शहरों के लिए खतरा बन रहा 'ओजोन' प्रदूषण, जानिए आखिर ये क्या होता है","category":{"title":"Bizarre News","title_hn":"हटके खबर","slug":"bizarre-news"}}
Ozone Pollution: भारत के इन शहरों के लिए खतरा बन रहा 'ओजोन' प्रदूषण, जानिए आखिर ये क्या होता है
Wed, 16 Jul 2025 06:12 PM IST
धर्मेंद्र सिंह
फीचर डेस्क, अमर उजाला
फीचर डेस्क, अमर उजाला
Published by: धर्मेंद्र सिंह
Updated Wed, 16 Jul 2025 06:12 PM IST
सार
Ozone Pollution: तीन ऑक्सीजन अणुओं से बनने वाली ओजोन एक गैस है। ऊंचे आसमान में यहसूरज की हानिकारक किरणों से बचाती है, लेकिन जमीन के पास यह प्रदूषण बन जाता है।
विज्ञापन
भारत के इन शहरों के लिए खतरा बन रहा 'ओजोन' प्रदूषण
- फोटो : Adobe Stock
विस्तार
Ozone Pollution: वर्तमान समय में भारत के बड़े शहर प्रदूषण की मार झेल रहे हैं। अब इस बीच एक रिपोर्ट सामने आई है, जो हैरान करने वाली है। एक नई रिपोर्ट में जानकारी सामने आई है कि भारत के बड़े शहरों जैसे कोलकाता, बेंगलुरु, मुंबई, हैदराबाद और चेन्नई में इस साल गर्मी के दौरान जमीन के स्तर पर ओजोन प्रदूषण काफी बढ़ा हुआ था। सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट (CSE) की नई रिपोर्ट में कहा गया है कि शहरों में ओजोन का स्तर कई दिनों तक आठ घंटे के मानक से अधिक रहा। यह प्रदूषण बेहद खतरनाक है, जिसका असर लोगों के स्वास्थ्य और खेती पर बुरा असर पड़ रहा है। आइए जानते हैं कि आखिर समस्या क्या है?
विज्ञापन
क्या होता है ओजोन प्रदूषण?
तीन ऑक्सीजन अणुओं से बनने वाली ओजोन एक गैस है। ऊंचे आसमान में यहसूरज की हानिकारक किरणों से बचाती है, लेकिन जमीन के पास यह प्रदूषण बन जाता है। किसी स्रोत से यह सीधे नहीं निकलता है, बल्कि वाहनों, उद्योगों और बिजलीघरों से निकलने वाली नाइट्रोजन ऑक्साइड (NOx), वाष्पशील कार्बनिक यौगिक (VOCs) और कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) के सूरज की रोशनी में रासायनिक प्रतिक्रिया से बनता है। यह बहुत प्रतिक्रियाशील गैस होती है, जो हवा में लंबी दूरी तक फैल सकती है। इससे यह शहरों से लेकर गांवों तक को प्रभावित करती है।
विज्ञापन
कई शहरों में ओजोन का स्तर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया
रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल मार्च-मई में कई शहरों में ओजोन का स्तर बेहद खतरनाक हो गया था। दिल्ली की रिपोर्ट पहले ही जारी की जा चुकी है। इसकी वजह से इस अध्ययन में उसे शामिल नहीं किया गया।
विज्ञापन
Trending: सांप को देखते ही पकड़कर जिंदा चबा गया युवक, देखते ही चीखने लगी मां, फिर जो हुआ जानकर उड़ जाएंगे होश
बेंगलुरु में गर्मी के दौरान 92 दिनों में से 45 दिन ओजोन का स्तर मानक से अधिक रहा। यह बीते साल की तुलना में 29 फीसदी बढ़ा है। होमबेगोड़ा नगर सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र रहा। मुंबई की बात करें, तो 32 दिन ओजोन स्तर बढ़ा, जो साल 2024 की तुलना में 42 फीसदी कम है। चकाला सबसे प्रभावित इलाका रहा। कोलकातामें 22 दिन ओजोन स्तर बढ़ा। यहां भी बीते साल की तुलना में 45 प्रतिशत कम है। रवींद्र सरोवर और जादवपुर हॉटस्पॉट थे। हैदराबाद में 20 दिन ओजोन स्तर बढ़ा। यह बीते साल की तुलना में 55 फीसदी कम है। बोल्लारम सबसे ज्यादा प्रभावित रहा, जबकि चेन्नई में 15 दिन ओजोन स्तर बढ़ा, जो बीते साल शून्य था। यहां आलंदुर सबसे प्रभावित क्षेत्र र। इन शहरों में ओजोन का स्तर सर्दियों और अन्य मौसमों में भी बढ़ रहा है, खासकर गर्म जलवायु वाले इलाकों में।
हर शहर में कुछ खास इलाकों में ओजोन का स्तर सबसे अधिक बढ़ता है। यहां पर प्रदूषण का असर और गंभीर होता है। ओजोन से सांस की नली को नुकसान पहुंचता है। अस्थमा और दमा जैसी बीमारियों को बढ़ाता है। इससे फसलों को भी नुकसान पहुंचता है।
Viral Video: जयमाला पर दोस्त ने दूल्हे के कान में कही ये बात की लड़के का ठनका माथा, वहीं पकड़कर पीट दिया
ओजोन प्रदूषण की वजह
ओजोन में वृद्धि मौसम और प्रदूषण स्रोतों पर निर्भर होती है। गर्मी और सूरज की रोशनी इसकी रासायनिक प्रतिक्रिया को बढ़ाती है। वाहन, उद्योग, कचरा जलाना और ठोस ईंधन का इस्तेमाल इसकी वजहे हैं। .