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एक ऐसा जासूस, जो दूसरे देश में जाकर बनने वाला था वहां का रक्षा मंत्री, रोचक है कहानी

Fri, 24 Jan 2020 02:48 PM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सोनू शर्मा Updated Fri, 24 Jan 2020 02:48 PM IST
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Israeli spy Eli Cohen was to became the deputy defense minister of another country
एली कोहेन उर्फ कामिल अमीन ताबेत - फोटो : Social media

जासूसों की एक अलग ही दुनिया होती है। वह दूसरे देशों में जाकर वहां की खुफिया जानकारी अपने देश की खुफिया एजेंसी को भेजते हैं, लेकिन यह कहने-सुनने में जितना आसान लगता है, असल जिंदगी में यह उतना ही मुश्किल काम है। या यूं कहें कि इसमें जान का खतरा हमेशा बना रहता है। अगर जासूसी करते दूसरे देश में पकड़े गए तो वहां के कानून के हिसाब से उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जाती है। आज हम आपको एक ऐसे ही जासूस के बारे में बताने जा रहे हैं, जो दूसरे देश में जाकर वहां की जासूसी करता है और एक वक्त ऐसा भी आता है, जब उसे वहां के राष्ट्रपति की ओर से उप-रक्षा मंत्री बनने का प्रस्ताव मिलता है। हालांकि बाद में वह अपनी गलती के कारण पकड़ा जाता है और उसे बीच चौराहे पर सैकड़ों लोगों के सामने फांसी दे दी जाती है। 



Israeli spy Eli Cohen was to became the deputy defense minister of another country
एली कोहेन उर्फ कामिल अमीन ताबेत - फोटो : Social media

हम बात कर रहे हैं एली कोहेन की, जो इजरायल की खुफिया एजेंसी के जासूस थे। उन्हें इजराइल का सबसे बहादुर और साहसी जासूस भी कहा जाता है। उन्होंने वो कर दिखाया था, जो शायद उनके अपने देश इजरायल ने भी नहीं सोचा था। कहते हैं कि कोहेन ने ऐसी खुफिया जानकारी जुटाई थी, जिसकी वजह से ही साल 1967 के अरब-इसराइल युद्ध में इसराइल को जीत मिली थी। 

Israeli spy Eli Cohen was to became the deputy defense minister of another country
एली कोहेन उर्फ कामिल अमीन ताबेत - फोटो : Social media

एली कोहेन ने 1961 से 1965 के बीच एक इजरायली जासूस के तौर पर चार साल अपने दुश्मनों के बीच सीरिया में गुजारे। एक कारोबारी के तौर पर उन्होंने सीरिया में अपनी एक अलग ही पहचान बना ली थी और इसकी आड़ में वो सीरिया की सत्ता के बेहद करीब पहुंच गए थे। इस दौरान उन्होंने वहां हुए तख्तापलट में भी अहम भूमिका निभाई और सीरिया के राष्ट्रपति के करीबी बन गए। कहते हैं कि राष्ट्रपति भी उनसे रक्षा जैसे मामलों में सलाह लिया करते थे। 

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Israeli spy Eli Cohen was to became the deputy defense minister of another country
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social media

एली का जन्म साल 1924 में मिस्र के एलेग्जेंड्रिया में एक सीरियाई-यहूदी परिवार में हुआ था। उनके पिता साल 1914 में ही सीरिया के एलेप्पो से आकर मिस्र में बस गए थे, लेकिन 1948 में जब इजराइल बना तो मिस्र के कई यहूदी परिवार वहां से निकलने लगे। इनमें एली कोहेन का परिवार भी था। 1949 में वो इजरायल जाकर बस गए। हालांकि इस दौरान कोहेन मिस्र में ही रूक गए, क्योंकि उनकी इलेक्ट्रॉनिक्स की पढ़ाई अधूरी थी। कहते हैं कि अरबी, अंग्रेजी और फ्रांसीसी भाषा पर कोहेन की पकड़ बेहद ही मजबूत थी और इसी वजह से वो इजराइली खुफिया विभाग की नजर में आए। 

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Israeli spy Eli Cohen was to became the deputy defense minister of another country
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social media

रिपोर्ट्स के मुताबिक, एली को जासूसी में शुरुआत से ही दिलचस्पी रही थी और इसी वजह से वो साल 1955 में जासूसी का एक छोटा सा कोर्स करने के लिए इजरायल गए थे। हालांकि अगले साल वो फिर से मिस्र लौट गए थे, लेकिन फिर स्वेज संकट के बाद कोहेन सहित कई लोगों को मिस्र से बेदखल कर दिया गया और उसके बाद वो साल 1957 में इजराइल आ गए। यहां आकर वो ट्रांसलेटर और अकाउंटेंट का काम करने लगे। इसी बीच उन्होंने इराकी-यहूदी लड़की नादिया मजाल्द से शादी भी की। 

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