इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद के बारे में कौन नहीं जानता है। ये एक ऐसी खुफिया एजेंसी है, जिससे बड़े से बड़े आतंकी भी खौफ खाते हैं। मोसाद के खुफिया एजेंट्स ने दुनियाभर में ऐसे-ऐसे ऑपरेशंस को अंजाम दिए हैं, जो नामुमकिन से माने जाते थे। यही वजह है कि मोसाद को दुनिया की सबसे खतरनाक खुफिया एजेंसी माना जाता है।
मोसाद का मुख्यालय इजराइल के तेल अवीव शहर में है। इसका गठन 13 दिसंबर, 1949 को 'सेंट्रल इंस्टीट्यूशन फॉर को-ऑर्डिनेशन' के तौर पर हुआ था। यह इजरायल की राष्ट्रीय खुफिया एजेंसी है, जैसे कि भारत में रॉ है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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मोसाद के बारे में कहा जाता है कि वो अपने दुश्मनों को दुनिया के कोने-कोने से ढूंढकर मार देते हैं। ऐसे कई ऑपरेशन उन्होंने दूसरे देशों में जाकर किए हैं और अपने दुश्मनों को मार गिराया है।
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ऑपरेशन एंटेबे
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मोसाद ने युगांडा में जाकर एक खतरनाक ऑपरेशन को अंजाम दिया था। इसका नाम था ऑपरेशन एंटेबे, जिसके तहत 1976 में युगांडा के हवाईअड्डे में बिना अनुमति के घुस कर आतंकियों को मार गिराया गया था और 54 इजरायली नागरिकों को उनके चंगुल से छुड़ाया गया था। इस खतरनाक ऑपरेशन में इजरायली सेना भी शामिल थी।
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एली कोहेन उर्फ कामिल अमीन ताबेत
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इजरायल के एक खुफिया जासूस थे एली कोहेन, जो दुनियाभर में प्रसिद्ध हैं। उन्हें इजराइल का सबसे बहादुर और साहसी जासूस कहा जाता है। कहते हैं कि वह सीरिया में जाकर वहां के रक्षामंत्री बनने वाले थे, लेकिन बाद में वह अपनी गलती के कारण पकड़े गए थे, जिसके बाद उन्हें बीच चौराहे पर सैकड़ों लोगों के सामने फांसी दे दी गई थी।