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'वूलपिट के हरे बच्चों' का अनसुलझा रहस्य, क्या सच में दूसरी दुनिया से आए थे वो?

Sun, 10 May 2020 05:44 PM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सोनू शर्मा Updated Sun, 10 May 2020 05:44 PM IST
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Green children of Woolpit Unsolved mystery
वूलपिट के हरे बच्चे (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Social media

ये धरती जितनी खूबसूरत है, उतनी ही रहस्यमय भी। समय-समय पर यहां कई ऐसे रहस्य उजागर हुए हैं, जो लोगों को हैरान कर देते हैं। एक ऐसा ही रहस्य 'वूलपिट के हरे बच्चों' का है। दरअसल, वूलपिट इंग्लैंड का एक गांव है। घटना 12वीं सदी की है, लेकिन किस साल की है, इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। तब इंग्लैंड पर राजा स्टीफन का शासन था। उन्ही के शासनकाल में एक दिन वूलपिट में ऐसी घटना घटी, जो अब तक के सबसे अनसुलझे रहस्यों में से एक है। 

Green children of Woolpit Unsolved mystery
वूलपिट के हरे बच्चे (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Social media

गर्मियों के दिन थे। लोग अपने-अपने खेतों में काम कर रहे थे। तभी अचानक ग्रामीणों ने दो अजीब से दिखने वाले बच्चों को देखा, जिसमें एक लड़का था और एक लड़की। उनकी त्वचा का रंग हरा था और सबसे हैरानी की बात कि वो एक ऐसी भाषा बोल रहे थे, जो किसी को समझ में ही नहीं आ रही थी। साथ ही उनके कपड़े भी बिल्कुल अलग थे।  

Green children of Woolpit Unsolved mystery
वूलपिट के हरे बच्चे (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Social media

आखिरकार गांववाले उन बच्चों को वहां के जमींदार के यहां ले गए। वहां बच्चों को खाना दिया गया, लेकिन उन्होंने वो खाना नहीं खाया बल्कि उन्हें वही पास में बीन्स का एक पौधा दिखा तो वो जाकर कच्चा बीन्स ही तोड़कर खाने लगे। कई दिनों तक ऐसा ही चलता रहा। वो सिर्फ कच्चा बीन्स ही खाते थे। 

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Green children of Woolpit Unsolved mystery
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social media

हालांकि कई महीनों के बाद बच्चे थोड़ा-थोड़ा सामान्य खाना भी खाने लगे थे, लेकिन इसके बावजूद उनकी भाषा किसी को भी बिल्कुल समझ में नहीं आती थी। कहते हैं कि किसी कारणवश उन दोनों बच्चों में से लड़का बीमार रहने लगा और कुछ ही दिनों में उसकी मौत हो गई। हालांकि लड़की बिल्कुल ठीक थी। 

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Green children of Woolpit Unsolved mystery
वूलपिट गांव का साइन बोर्ड - फोटो : Social media

कहते हैं कि समय के साथ-साथ लड़की की त्वचा का हरा रंग भी धीरे-धीरे गायब हो गया और वो भी सामान्य इंसानों की तरह दिखने लगे। साथ ही उसने अंग्रेजी बोलना भी सीख लिया। इसके बाद उसने अपनी हैरान करने वाली कहानी सबको बताई। उसने बताया कि वो और उसका भाई (जो अब मर चुका था) सेंट मार्टिन नाम की एक जगह से आए थे, जो धरती के अंदर है। वहां सूरज कभी नहीं चमकता था, सिर्फ धुंधली की रौशनी रहती थी। उसने यह भी बताया कि 'सेंट मार्टिन लैंड' के सभी लोग हरे रंग के थे। अब ये घटना हकीकत है या कोई कहानी, ये तो कोई नहीं जानता, लेकिन वूलपिट के लोग इस घटना को बिल्कुल सच मानते हैं। तभी तो यहां लोहे का एक बोर्डनुमा खंभा लगाया गया है, जिसपर दोनों हरे बच्चों को दर्शाया गया है।  

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