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El Nino Impact: कहीं सूखा, तो कहीं बाढ़ लाएगा अल नीनो, भारत पर क्या होगा असर? WRI ने दी डरावनी चेतावनी
Wed, 24 Jun 2026 05:41 PM IST
धर्मेंद्र कुमार सिंह
फीचर डेस्क, अमर उजाला
फीचर डेस्क, अमर उजाला
Published by: धर्मेंद्र कुमार सिंह
Updated Wed, 24 Jun 2026 05:41 PM IST
सार
El Nino Impact: वर्ल्ड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट ने अल नीनो को लेकर चेतावनी दी है। उसका कहना है कि इसकी वजह से दुनिया के कुछ इलाकों में बाढ़ आ सकती है, तो कई क्षेत्रों को सूखा का सामना करना पड़ सकता है।
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कहीं सूखा, तो कहीं बाढ़ लाएगा अल नीनो, WRI ने दी डरावनी चेतावनी
- फोटो : AI
विस्तार
El Nino Impact: अल नीनो ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। भारत और यूरोप समेत कई देशों पर इस मौसमी घटना का प्रभाव दिखने लगा है। यूरोप के कई देशों में भीषण गर्मी पड़ रही है। अब इस बीच वर्ल्ड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट (WRI) ने बड़ी चेतावनी दी है। उसका कहना है कि अल नीनो का प्रभाव पानी, खेती और जंगलों पर पड़ सकता है। कई इलाकों में सूखा पड़ सकता है और पानी की कमी बढ़ सकती है, तो वहीं कुछ इलाकों में भारी बारिश और बाढ़ का खतरा पैदा हो सकता है। दुनिया में बढ़ती गर्मी के बीच खाद्य उत्पादन और जंगलों में आग की घटनाओं पर भी प्रभाव दिख सकता है।
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वर्ल्ड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट ने कहा है कि अल-नीनो के कारण दुनिया के कई क्षेत्रों में बारिश का बदल सकता है। कैरेबियन, मध्य अमेरिका, उत्तरी ब्राजील, दक्षिणी अफ्रीका, इंडोनेशिया, फिलीपींस, ऑस्ट्रेलिया और भारत के कुछ इलाकों में सूखे की स्थित बन सकती है। इससे जलाशयों और भूजल पर दबाव बढ़ेगा। पेरू, इक्वाडोर, पूर्वी अफ्रीका और मध्य एशिया के कुछ क्षेत्रों में सामान्य से अधिक बारिश हो सकती है। इससे बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है और कई जगहों पर बुनियादी ढांचे तबाह हो सकते हैं।
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खेती को प्रभावित करेगा अल नीनो
अल नीनो से तापमान और बारिश दोनों को प्रभावित होते हैं। इसका सीधा असर खेती पर पड़ता है। बारिश पर निर्भर इलाकों में फसल उत्पादन कम हो सकती है। दक्षिण अफ्रीका में बीते अल-नीनो के समय अनाज उत्पादन में कमी आई थी।
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कई वर्षों से बढ़ती गर्मी का सामना कर रही दुनिया
बीते कई वर्षों से दुनिया को बढ़ रही गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। बीते 11 साल सबसे अधिक गर्म रहे हैं। तापमान बढ़ने से मिट्टी तेजी से सूखती है फसलों को नुकसान पहुंचता है।सूखा, बाढ़ और अधिक गर्मी खाद्य उत्पादन को प्रभावित कर सकते हैं।इससे कई देशों में खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ सकते हैं। इस चेतावनी के मुताबिक, ईंधन और खादों की ऊंची कीमतों से भी स्थिति मुश्किल हो सकती है।
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जंगलों में लग सकती है आग
अल नीनो से कई क्षेत्रों में मौसम अधिक गर्म हो सकता है, जिससे जंगलों मे आग लगने और तेजी से फैलने का खतरा बढ़ सकता है। दक्षिण अमेरिका में सबसे ज्यादा इसका असर होता है। पिछले अल-नीनो के दौरान ब्राजील में जंगलों में आग की घटनाओं में वृद्धि हुई थी। वैज्ञानिकों ने कहा है कि अगर इस बार सुपर अल-नीनो बनता है, तो इसका पहले के मुकाबले ज्यादा गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।