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शोधकर्ताओं का कमाल: सिगरेट के टुकड़ों से बनेगी मजबूत और टिकाऊ सड़क, शहर को गर्मी से भी मिलेगी राहत
Tue, 29 Sep 2026 04:27 PM IST
धर्मेंद्र कुमार सिंह
फीचर डेस्क, अमर उजाला
फीचर डेस्क, अमर उजाला
Published by: धर्मेंद्र कुमार सिंह
Updated Tue, 29 Sep 2026 04:27 PM IST
सार
मलबर्न की RMIT यूनिवर्सिटी के इंजीनियरों ने सिगरेट के टुकड़ों से सड़क बनाने का तरीखा खोजा है। उन्होंने ऐसी तकनीक बनाई है कि सिगरेट के टुकड़ों को डामर में बंद करके सड़क बनाने वाली सामग्री में बदला जा सकता है।
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सिगरेट के टुकड़ों से बनेगी मजबूत और टिकाऊ सड़क
- फोटो : AI
विस्तार
सड़कों को गिट्टी और डामर मिलाकर बनाया जाता है। लेकिन अब सिगरेट के टुकड़ों से मजबूत सड़क बनेगी। इनमें लगे प्लास्टिक फिल्टर वर्षों तक बने रह सकते हैं। ऑस्ट्रेलिया के वैज्ञानिकों ने यह अनोखा तरीका बताया है। उनके कहना है कि इस तरीके को अपनाकर सिगरेट के इस कचरे से निपटा जा सकता है। मलबर्न की RMIT यूनिवर्सिटी के इंजीनियरों ने यह तरीका खोजा है। सिगरेट के टुकड़े के कचरे का इस्तेमाल सड़क बनाने में करके पर्यावरण की रक्षा के लिए बड़ा कदम होगा।
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यूनिवर्सिटी की तरफ से जानकारी दी गई कि शोधकर्ताओं ने ऐसी तकनीक बनाई है कि सिगरेट के टुकड़ों को डामर में बंद करके सड़क बनाने वाली सामग्री में बदला जा सकता है। सिगरेट के टुकड़ों को डामर कंक्रीट में मिलाने से पहले बिटुमेन या पैराफिन वैक्स से कवर किया गया, ताकि फिल्टर में मौजूद केमिकल बाहर न निकल पाए।
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लैब में कई परीक्षण किए गए जिससे पता चला कि सही मात्रा में कवर किए सिगरेट के टुकड़ों वाला डामर भारी ट्रैफिक वाली सड़कों की आवश्यकता को पूरा कर सकता है। इसके अलावा इसकी थर्मल कंडक्टिविटी पारंपरिक डामर की तुलना में कम रहती है।
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सिगरेट के टुकड़े सेल्यूलोज एसीटेट से बनाए जाते हैं, जो एक तरह का प्लास्टिक होता है। यह आसानी से नष्ट नहीं होता। फिल्टर में निकोटीन, भारी धातुओं के साथ ही तंबाकू व सिगरेट के धुएं से बचे केमिकल अवशेष भी हो सकते हैं। शोधकर्ताओं ने इससे छुटकारा पाने के लिए डामर में इस्तेमाल से पहले सिगरेट के टुकड़ों को सील करने के तरीके का परीक्षण किया।
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शोधकर्ताओं ने फिल्टर की सतह पर बिटुमेन या पैराफिन वैक्स की एक खास कोटिंग की। कोटिंग ने फिल्टर पर सुरक्षात्मक परत बनाई, जिससे पानी या अन्य तरल पदार्थों के संपर्क में आने पर इन पदार्थों के बाहर निकलने की संभावना कम हो सकती थी।
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शहर की गर्मी को भी रोकेगा
यह शोध कंस्ट्रक्शन एंड बिल्डिंग मैटेरियल्स में प्रकाशित किया गया है। इसके नतीजों के मुताबिक, कवर किए टुकड़ों ने डामर के घनत्व को कम किया और इसकी पोरॉसिटी को बढ़ा दिया। इन हुए बदलावों से गर्मी सोखने और पहुंचाने की क्षमता कम करने में मदद मिली। इससे गर्मी की समस्या से भी निपटा जा सकता है, क्योंकि सामान्य डामर सूरज की गर्मी को ज्यादा सोख सकता है और उसे बनाए रख सकता है, जिससे तापमान बढ़ जाता है।