आपने बरमूडा ट्राएंगल का नाम सुना होगा। अटलांटिक महासागर में वो इलाका जहां बहुत से विमान और जहाज रहस्यमय तरीके से गायब हो जाते हैं। सदियों से इस राज को सुलझाने की कोशिश हो रही है। मसला जस का तस है। पर, क्या आपको पता है कि अंतरिक्ष में भी एक इलाका ऐसा है, जो बरमूडा कहा जाता है। उस इलाके से गुजरने पर भी अंतरिक्षयात्रियों को अजीबो-गरीब तजुर्बे होते हैं। उस इलाके से गुजरते वक्त अंतरिक्षयानों के सिस्टम और कंप्यूटरों में खराबी आ जाती है। अंतरिक्षयात्रियों को भयंकर चमक दिखाई देती है।
2 of 8
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
नासा के एस्ट्रोनॉट रहे टेरी वर्ट्स बताते हैं कि उन्हें अपने पहले ही स्पेस मिशन में इसका तजुर्बा हुआ था। वो सोने ही जा रहे थे कि आंखों में भयंकर सफेद किरणों से आंखें चकाचौंध हो गईं। वैसे टेरी ये बताते हैं कि अंतरिक्षयात्री बनने से पहले ही उन्होंने इसके बारे में पढ़ा था। वो ये जानते थे कि स्पेस में ऐसा इलाका है, जिसे अंतरिक्ष का बरमूडा कहा जाता है। अपने दोनों ही स्पेस मिशन में टेरी वर्ट्स को इसका तजुर्बा हुआ, जोकि परेशान करने वाला था।
3 of 8
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
अब आपको अंतरिक्ष के इस बरमूडा ट्राएंगल को तफ्सील से बताते हैं। ये इलाका दक्षिण अटलांटिक महासागर और ब्राजील के ठीक ऊपर के आसमान में है। इस इलाके से जब अंतरिक्षयान या स्पेस स्टेशन गुजरते हैं, तो कंप्यूटर रेडिएशन के शिकार हो जाते हैं। अंतरिक्षयात्रियों की आंखें सफेदी से चकाचौंध हो जाती हैं। इसकी वैज्ञानिक वजह है। सूरज से हमेशा ही भयंकर और जलाने वाली किरणें निकलती हैं। इनमें इलेक्ट्रॉन होते हैं और विकिरण यानी रेडिएशन भी होता है। जब ये विकिरण सूरज की रोशनी के साथ हमारी धरती के करीब पहुंचता है, तो धरती के ऊपर स्थित एक परत जिसको वैन एलेन बेल्ट कहते हैं, वो विकिरण को हमारी धरती पर आने से रोकती है।
4 of 8
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
जब सूरज से आने वाला ये रेडिएशन, धरती की वैन एलेन बेल्ट से टकराता है, तो ये अंतरिक्ष में फैल जाता है। अब हमारी रक्षा करने वाली ये वैन एलेन बेल्ट धरती के ऊपर एक बराबर नहीं है। वजह ये कि धरती ही गोल नहीं। ये ध्रुवों पर चपटी है। वहीं बीच में थोड़ी ज्यादा मोटी है। इस वजह से दक्षिणी ध्रुव के करीब के इलाकों में ये वैन एलेन बेल्ट धरती के ज्यादा करीब आ जाती है। इससे अंतरिक्ष में उसी हिस्से में सूरज से आने वाले रेडिएशन का ज्यादा असर दिखाई देता है।
5 of 8
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
अंतरिक्ष यात्री स्पेस के इस बरमूडा को साउथ अटलांटिक एनोमली कहते हैं। आम तौर पर अंतरिक्ष में उस इलाके से गुजरने वाले अंतरिक्ष यान और स्पेस स्टेशन जल्द से जल्द उसके पार निकल जाने की कोशिश करते हैं। लेकिन, आज बहुत सी निजी कंपनियां भी स्पेस मिशन भेजने में जुटी हैं। इनमें सवार होकर बहुत से लोग अंतरिक्ष की सैर के लिए जाएंगे। ऐसे में हमें इस एसएए यानी अंतरिक्ष के बरमूडा ट्राएंगल से ज्यादा सावधान होने की जरूरत है।