दुनिया में ऐसी कई झीलें हैं, जो अपने आप में कोई न कोई रहस्य समेटी हुई हैं। एक ऐसी ही झील महाराष्ट्र के बुलढाना जिले में भी है, जिसका रहस्य जानने में दुनिया भर के वैज्ञानिक जुटे हैं। नासा से लेकर दुनिया की तमाम एजेंसियां कई सालों से इस झील पर शोध कर रही हैं, लेकिन इसके रहस्य से अब तक पर्दा नहीं उठ पाया है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
इस झील का नाम है लोनार झील। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह झील उल्का पिंड के धरती से टकराने की वजह से बनी थी, लेकिन सबसे हैरानी की बात तो ये है कि वो उल्का पिंड कहां गया, इसका पता अब तक नहीं चल पाया है। माना जाता है कि यह उल्का पिंड करीब 10 लाख टन वजन का रहा होगा।
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लोनार झील, महाराष्ट्र
- फोटो : Social media
यह झील करीब 150 मीटर गहरी है। 70 के दशक में कुछ वैज्ञानिकों ने यह दावा किया था कि इस झील की उत्पति बुझे हुए (मृत) ज्वालामुखी के गर्त से हुई है। हालांकि बाद में यह दावा गलत साबित हुआ था।
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लोनार झील, महाराष्ट्र
- फोटो : Social media
इस रहस्यमय लोनार झील पर हाल ही में हुए शोध में एक चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, यह झील लगभग पांच लाख 70 हजार साल पुरानी है। इसका मतलब है कि यह झील रामायण और महाभारत काल में भी मौजूद थी। हालांकि 2010 से पहले यह माना जाता था कि यह झील करीब 52 हजार साल पुरानी है, लेकिन इस नए शोध ने सबको हैरान कर दिया।
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लोनार झील, महाराष्ट्र
- फोटो : Social media
कहते हैं कि इस झील का उल्लेख ऋग्वेद और स्कंद पुराण में भी मिलता है। आपको जानकर हैरानी होगी कि यहां कई प्राचीन मंदिरों के अवशेष भी मिले हैं, जिसमें दैत्यासुदन मंदिर भी शामिल है, जो भगवान विष्णु, देवी दुर्गा और सूर्य देवता को समर्पित है।