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वो महिला, जिसे महान वैज्ञानिक आइंस्टाइन मानते थे जीनियस

Fri, 28 Feb 2020 02:32 PM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सोनू शर्मा Updated Fri, 28 Feb 2020 02:32 PM IST
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Albert Einstein believed Emmy Noether the genius of maths
अल्बर्ट आइंस्टाइन और एमी नोटर - फोटो : Social media

सदी के सबसे बड़े वैज्ञानिक माने जाने वाले अल्बर्ट आइंस्टाइन ने उनके बारे में कहा था, 'महिलाओं को जब से उच्च शिक्षा की इजाजत मिली है, उस समय से अब तक गणित के क्षेत्र में सबसे महत्वपूर्ण जीनियस एमी नोटर थीं।' लेकिन एमी नोटर आखिर थीं कौन? जर्मनी में 1882 में जन्मी एमी के पिता मैक्स नोटर गणितज्ञ थे और बैवेरिया के एरलानजन विश्वविद्यालय में पढ़ाते थे। जब उन्होंने कॉलेज में नाम लिखाना चाहा, उन्हें खारिज कर दिया गया। उस समय महिलाओं को उच्च शिक्षा की इजाजत नहीं थी। बाद में उनसे कहा गया कि यदि शिक्षक उन्हें अनुमति दें तो वे कक्षा में यूं ही बैठ सकती हैं। खैर, उन्होंने पढ़ाई पूरी की, लेकिन जब विश्वविद्यालय में पढ़ाने लगीं तो शुरू में उन्हें वेतन नहीं दिया जाता था। 

Albert Einstein believed Emmy Noether the genius of maths
एमी नोटर - फोटो : Social media

इस महिला के बारे में कहा जाता है कि उन्होंने आधुनिक अल्जेब्रा की नींव डाली। उन्होंने क्वांटम थ्योरी की नींव डाली। उनके सिद्धांतों को समझे बगैर आइंस्टाइन के सापेक्षतवाद के सिद्धांत को नहीं समझा जा सकता है। खुद आइंस्टाइन का मानना था कि उनके कठिन समझे जाने वाले सापक्षेतावाद के सिद्धांत को एमी नोटर ने निहायत ही सरल तरीके से सबके सामने पेश कर दिया था। उनकी जीवनी लिखने वाले माइकल ल्युबेला के मुताबिक, इसके बावजूद एमी नोटर के साथ भेदभाव जारी रहा। उन्हें गोटिंजेन विश्वविद्यालय में पढ़ाने की नौकरी नहीं दी दी गई। पढ़ाने की इजाजत मिली तो वेतन देने से साफ इंकार कर दिया गया। लोगों ने तंज किया, 'यह विश्वविद्यालय है, कोई सॉना नहीं।' 

Albert Einstein believed Emmy Noether the genius of maths
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social media

सेवाइल विश्वविद्यालय के आण्विक और परमाणु भौतिकी केंद्र के प्रोफेसर मैनुअल लोजानो ने कहा, 'संक्षेप में कहें तो यह सबसे गूढ़ भौतिकी को समझने का आसान तरीका है।' लोजानो कहते हैं, 'यह थ्योरम सैद्धांतिक तौर पर बेहद आसान और गणित के लिहाज से बहुत ही पेचीदा है। यह सिमेट्री और क्वांटिटी के बीच के रिश्ते के बारे में है।' प्रोफेसर साहब कहते हैं, 'कल्पना करें कि मेरे हाथ में वाइन का एक ग्लास है और मैं आपसे आंखें मूंदने को कहूं। आपके आंख मूंदने पर मैं कप को इसके एक्सिस पर उलट दूं और आपसे आंखें खोलने को कहूं। आंख खोलने पर आप शायद यह नहीं समझ पाएं कि कप अपनी जगह से हटाया गया है।' वे आगे बताते हैं, 'लेकिन यदि मैं ग्लास को घुमा दूं और तब आप आंखें खोलें तो आपको लगेगा कि कुछ तो हुआ है।' इसका मतलब? लोजानो के मुताबिक, इसका मतलब यह है कि कप एक एक्सिस पर साइमेट्रिकल है, लेकिन दूसरे एक्सिस पर सिमेट्रिकल नहीं है। 

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Albert Einstein believed Emmy Noether the genius of maths
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

भौतिकी में यह सबको पता है कि ऊर्जा नष्ट नहीं की जा सकती, उसका स्वरूप बदला जा सकता है। इसे 'कनजर्व्ड क्वांटिटी' कहते हैं। लोजानो कहते हैं, 'एमी ने इस कनजर्व्ड क्वांटिटी को सिमेट्री के सिस्टम से जोड़ दिया। भौतिकी की गूढ़ बातों को समझने में इससे मदद मिलती है।' अमेरिका के आयोवा स्टेट विश्वविद्यालय में भौतिकी पढ़ाने वाली माइली सांचेज कहती हैं, 'यह दुनिया का सबसे खूबसूरत थ्योरम है। मैं पहली बार पढ़ते ही इससे प्रेम करने लगी। मेरे छात्र इससे अचंभित हैं।' 

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Albert Einstein believed Emmy Noether the genius of maths
एमी नोटर - फोटो : Social media

जर्मनी में नात्सी ताकतों का उदय होने के बाद एक नियम बनाया गया। इसके तहत सरकारी विश्वविद्यालयों के तमाम जगहों से यहूदियों को बाहर निकाल दिया गया। जीवनीकार ल्युसिबेला के मुताबिक, यहूदी होने की वजह से नोटर को गोटिंजेन विश्वविद्यालय से निकाल दिया गया। वे यहूदी और गैर यहूदी छात्रों को अपने घर बुला कर पढ़ाने लगीं। पर बाद में उन्हें देश छोड़ना पड़ा। वे अमेरिका चली गईं और प्रिन्सटन विश्वविद्यालय के ब्रिन मॉर कॉलेज से जुड़ गईं। 

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