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Bihar Vidhan Sabha : जाति के आधार पर आर्थिक सर्वे रिपोर्ट पेश; एससी सबसे अधिक और सामान्य वर्ग सबसे कम गरीब

Tue, 07 Nov 2023 12:33 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: आदित्य आनंद Updated Tue, 07 Nov 2023 12:33 PM IST
सार

Bihar Caste Census : बिहार विधानमंडल में मंगलवार को शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन राज्य सरकार जाति आधारित जनगणना के दौरान जुटाए गए आर्थिक आंकड़ों को पेश करेगी। भाजपा जातीय जनगणना के आंकड़ों पर विरोध कर रही है, देखना है आर्थिक रिपोर्ट पर रुख।

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Winter session of Bihar Assembly today; Caste census report on assembly floor, economic survey, BJP's protest
आर्थिक सर्वे की रिपोर्ट। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिहार विधानमंडल का शीतकालीन सत्र का आज दूसरा दिन है। सत्र के शुरू होते ही सदन के पटल पर जाति आधारिक गणना की आर्थिक रिपोर्ट पेश कर दी गई। रिपोर्ट में बताया गया कि बिहार में पिछड़ा वर्ग में 33.16%, सामान्य वर्ग में 25.09%, अति पिछड़ा वर्ग में 33.58%, अनुसूचित जाति वर्ग (एससी) में 42.93% और अनुसूचित जनजाति वर्ग (एसटी) में 42.7% गरीब परिवार हैं। सामान्य वर्ग में भूमिहार सबसे ज्यादा 25.32% परिवार, ब्राह्मण में 25.3% परिवार, राजपूत में 24.89% परिवार, कायस्थ में 13.83% परिवार, शेख 25.84% परिवार, पठान (खान ) 22.20% परिवार और सैयद 17.61% परिवार गरीब हैं। बिहार में 34.13 प्रतिशत लोग गरीब हैं। यानी इनकी आय 6 हजार रुपये से कम है। 

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जानिए, बिहार पिछड़ा वर्ग के जातियों की आर्थिक स्थिति
इधर, भट्ट में 23.68% परिवार, गोस्वामी में 30.68% परिवार, कुशवाहा में 34.32% परिवार, यादव 35.87% परिवार, कुर्मी में 29.90% परिवार, घटवार में 44.17 % परिवार, सोनार में 26.58% परिवार, मल्लाह में 32.99% परिवार, बनिया में 24.62% परिवार, मल्लिक, मुस्लिम में 17.26% परिवार, सूर्यापुरी मुस्लिम में 29.33%, ईसाई (अन्य पिछड़ी जाति) में 15 .79% परिवार, ईसाई धर्ममलम्बी हरिजन 29 .12% परिवार और किन्नर में 25.73% परिवार गरीब हैं। 
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जानिए, बिहार में अत्यंत पिछड़ा वर्ग जातियों की आर्थिक स्थिति
तेली में 29.87% परिवार, मल्लाह में 34. 56 फीसदी परिवार, कानू में 32.99% परिवार, धानुक में 34.75% परिवार, नोनिया में 35 .88% परिवार, चंद्रवंशी में 34.08% परिवार, नाई में 38 .37% परिवार, बढ़ई में 27 .71% परिवार, प्रजापति में 33.39% परिवार, पाल में 33.20% परिवार गरीब हैं।

महज 7% आबादी के पास ग्रेजुएट की शिक्षा
बिहार की 22.67% आबादी के पास कक्षा 1 से 5 तक की शिक्षा है। 14.33% आबादी के पास कक्षा 6 से 8 तक की शिक्षा है। 14.71% आबादी के पास और कक्षा 9 से 10 तक की शिक्षा है। वहीं 9.19% आबादी के पास कक्षा 11 से 12 तक की शिक्षा है। वहीं 7% से ज्यादा आबादी के पास ग्रेजुएट की शिक्षा है।

10 से 20 हजार मासिक आय 19% आबादी है
वहीं सामान्य वर्ग में 10 से 20 हजार मासिक आय 19% आबादी है। 20 से 50 हजार मासिक आय 16% आबादी है। 50 हजार से ज्यादा मासिक आय वाले 9% हैं। छह हजार मासिक आय वाले 25% हैं।
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नेता प्रतिपक्ष बोले-  बिहार में अपराध चरम पर है
नेता प्रतिपक्ष विजय सिन्हा ने कहा कि इस जातीय सर्वे में कई शिकायतें आई हैं। चाहे चंद्रवंशी हो या धानुक समाज हो सभी लोग शिकायत लेकर धरना प्रदर्शन पर बैठ गए। किस जाति कितना बेरोजगार इसकी जानकारी बिहार सरकार ने नहीं दी। केवल किस जाति में कितने लोग रोजगार वाले हैं, इसकी ही जानकारी दी गई। बेरोजगार के मुद्दे पर सरकार मौन क्यों हैं। 

अपराध के मुद्दे पर भी विपक्ष ने सरकार को घेरा
नेता प्रतिपक्ष विजय सिन्हा ने पूछा कि कितनी लाशों पर बिहार सरकार की भूख मिटेगी। पटना के विक्रम में हत्या हुई। बालू कारोबारी की हत्या हुई। बिहार में अपराध चरम पर है। बिहार सरकार इस पर क्यों नहीं कुछ बोल रही है। इस संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष ने मुझ पर आरोप लगाया कि हम तो घुमाते हैं लेकिन मैं यह बता दूं कि मेरी इतनी क्षमता नहीं कि मैं आसन को घुमा सकूं। इसके बाद सदन में विधायकों ने आंगनबाड़ी सेविका और रसोईया को सरकारी कर्मी का दर्जा देने और वेतनमान बढ़ाने की मांग की। 

भाजपा ने वेल में आकर किया हंगामा
पांच दिवसीय सत्र के दूसरे दिन सदन शुरू होने से पहले भारतीय जनता पार्टी के सदस्यों ने वेल में आकर हंगामा शुरू कर दिया। औपचारिकताओं के साथ हंगामा संभव है। उनकी मांग है कि आर्थिक सर्वेक्षण को लेकर डिबेट करने को लेकर और प्रखंड स्तर तक डिटेल्स प्रकाशित करने के लिए हंगामा करने लगे। भाजपा विधायकों को विधानसभा अध्यक्ष अवध बिहारी चौधरी ने समझाने की कोशिश लेकिन भाजपा विधायक ने माने। इसके बाद कुर्सी और टेबल भी उठाने की कोशिश करने लगे। हालांकि, मार्शल ने ऐसा करने से रोक दिया। 

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