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'मोदी की सबसे बड़ी चुनावी परीक्षा है बिहार चुनाव'

Thu, 01 Oct 2015 06:48 PM IST
Updated Thu, 01 Oct 2015 06:48 PM IST
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US Thinktank:Bihar election is tough exam for Narendra Modi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए इस महीने होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव उनकी अब तक की सबसे बड़ी चुनावी परीक्षा होगी। अमेरिका के एक शीर्ष थिंक टैंक के विद्वानों का कहना है कि इन चुनावी नतीजों का असर राज्य की सीमाओं बाहर बहुत दूर तक भी पड़ेगा।

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एक अमेरिकी शीर्ष थिंक टैंक कार्नेगी एंडोवमेंट फॉर इंटरनेशनल पीस के विद्वानों मिलन वैष्णव और सक्षम खोसला ने एक लेख में लिखा, ‘बिहार के मतदाता चाहे जो फैसला करें, इसके नतीजों का असर राज्य की सीमाओं के बाहर तक महसूस किया जाएगा।’वैष्णव और खोसला ने लिखा, ‘बिहार चुनाव 12 अक्टूबर को शुरू होकर आठ नवंबर को खत्म होंगे।
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ये चुनाव मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार की अब की सबसे बड़ी चुनावी परीक्षा होगी। यदि इस चुनाव में जीत मिलती है तो यह केंद्र सरकार को नई गति प्रदान कर सकती है। इस जीत से भाजपा राज्यसभा में बहुमत के करीब पहुंच सकती है और 2016 और 2017 में कुछ अन्य राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों में भी उसकी जीत के मौके बढ़ जाएंगे।
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अगर इसमें हार मिलती है तो यह एक बड़ा झटका होगा। खासतौर पर इसलिए क्योंकि नरेंद्र मोदी ने इन चुनावों में अपनी प्रतिष्ठा को दांव पर लगा रखा है। हाल ही में मोदी ने बिहार के लिए 1.25 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज की घोषणा की थी।’

दांव पर नीतीश-लालू का करियर

US Thinktank:Bihar election is tough exam for Narendra Modi

लेख में यह भी लिखा गया है, ‘ये चुनाव बिहार के मुख्यमंत्री  नीतीश कुमार और उनके नए सहयोगी लालू प्रसाद यादव के राजनीतिक करियर को बना या फिर बिगाड़ सकते हैं।

नीतीश कुमार का सितारा एक समय में राज्य के नेताओं में सबसे बुलंद था। 2014 के लोकसभा चुनावों में मिली करारी शिकस्त से नीतीश कुमार की चमक फीकी पड़ी है। वहीं फिर से जेल जाने की आशंका से ग्रसित लालू प्रसाद यादव को इन चुनावों में यदि जीत मिलती है तो उसका मतलब होगा कि बिहार की सियासत में उनकी और उनके खानदान की प्रासंगिकता अभी भी कायम है।

बिहार में कांग्रेस भी नीतीश और लालू के साथ महा गठबंधन में शामिल है। बिहार यदि गठबंधन जीतता है तो इससे कांग्रेस को हाल ही में चुनावों में मिली हार की हताशा से उबरने में मदद मिलेगी और उसके उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी मजबूत होंगे।



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