Upendra Kushwaha News : कुशवाहा बोले- बिहार में दशकों से शासक लालू परिवार, नीतीश के निर्णय से लोग हतप्रभ
कुशवाहा ने कहा कि जगदेव बाबू ने 90 प्रतिशत लोगों पर 10 प्रतिशत के राज का विरोध किया था। वह 10 प्रतिशत बिहार में काफी पहले बदल चुका है। बिहार में दशकों में शासक वर्ग एक परिवार रहा है। सत्ता इसी परिवार के पास रहा है।
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जनता दल यूनाईटेड (JDU) संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने गुरुवार को राष्ट्रीय जनता दल अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के परिवार पर सीधा हमला बोला। शहीद जगदेव प्रसाद की जन्म शताब्दी समारोह के दौरान कुशवाहा ने कहा कि जगदेव बाबू ने 90 प्रतिशत लोगों पर 10 प्रतिशत के राज का विरोध किया था। वह 10 प्रतिशत बिहार में काफी पहले बदल चुका है। बिहार में दशकों में शासक वर्ग एक परिवार रहा है। सत्ता इसी परिवार के पास रहा है। उन्होंने जदयू और राजद की डील पर भी सवाल उठाया और कहा कि 35 साल से शोषक-शासक वर्ग के रूप में इस परिवार ने सत्ता अपने नाम से हस्तांतरित करा रखा है। वर्तमान सरकार की डील का खुलासा होना चाहिए। कुशवाहा ने कहा कि दु:ख और आश्चर्य का विषय है ऐसी पार्टी के लोग जगदेव बाबू के समर्थकों से कह रहे कि ताकत दीजिए, राजद आपकी चिंता करेगा। ऐसा है तो यह बोलने वाले बताएं कि इन्होंने गरीब-गुरबा का कब कल्याण किया?
शासक वर्ग सत्ता कायम रखने की ताकत मांग रहा
जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में कुशवाहा ने राजद कोटे से राज्य के मंत्री आलोक मेहता के उस बयान पर भी हमला किया, जिसमें उन्होंने शासक वर्ग की परिभाषा के रूप में उच्च वर्ग को लक्ष्य किया था। कुशवाहा ने कहा कि शासक वर्ग बिहार में काफी पहले बदल चुका है। जगदेव बाबू जिस बदलाव की बात करते थे, उसकी चर्चा करने भर से नहीं होगा। वह चाहते थे कि कोई शोषक ही न हो। समाज में शोषित रहे वर्ग को भी मौका मिले। सत्ता का हस्तांतरण हो। लेकिन, उनकी बात करने वाले यह भूल जाते हैं कि बिहार में 35 साल पहले हस्तांतरित होकर आने के बाद से सत्ता एक ही परिवार के पास है। सत्ता सिमट कर एक घर में रह गई है। एक परिवार के लिए तो जनता ने बदलाव कर सत्ता हस्तांतरित तो नहीं की थी! जाति के आधार पर ऊपर या नीचे बैठने की जो प्रथा थी, वह तो आज भी शासक वर्ग कायम रखे हुए है। और, ऐसे लोग जनता से फिर ताकत मांग रहे हैं।
नीतीश को भी सीख देते दिखे कुशवाहा
कुशवाहा ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को जनता का आशीर्वाद जिस बात पर मिला, उन्हें उस राह पर चलना चाहिए। गरीब-दलितों को समाज की मुख्य धारा में लाने के लिए वैसा प्रयास करना चाहिए, जैसा जगदेव बाबू चाहते थे। उन्होंने कहा कि जदयू उनकी पार्टी है, लेकिन यह जनता के जिस आशीर्वाद के साथ आई थी- उससे भटक गई है। आशीर्वाद किसी काम के लिए मिला और डील किसी अन्य बात की हो रही। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह से अपील की कि राजद वाले जिस डील की बात करते हैं, उसपर इन्हें चुप्पी नहीं साधनी चाहिए। चुप्पी से मौन समर्थन मिलता है। खुलकर बताना चाहिए कि डील क्या है। इससे पहले कुशवाहा ने बात की शुरुआत ही जगदेव प्रसाद की जयंती से रोके जाने के प्रयास से की। उन्होंने कहा कि जिस समता परिषद् के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत जदयू के कई नेता आ चुके हैं, उसे जगदेव बाबू की जयंती का कार्यक्रम करने से रोकने का उद्देश्य समझ से परे है।