सामने आया बिहार टीचर भर्ती में बड़ा फर्जीवाड़ा
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बिहार में दो साल पहले हुई करीब 34 हजार टीचर भर्ती में भारी अनियमितता सामने आई है।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार 2012 में बिहार सरकार ने उच्चतम न्यायालय के आदेश पर टीचरों की जिस तरह से भर्ती की कि अब भर्ती प्रक्रिया ही सवालों के घेरे में आ गई है।
इस भर्ती प्रक्रिया में बिहार सरकार ने इस कदर नियमों को ताक में रखा कि उन लोगों को भी टीचर बना दिया गया है जिन्होंने अपने जन्म से पहले ही बीएड कर लिया था।
95 टीचरों के पास है जन्म से पहले की डिग्री
करीब 34 हजार की टीचर में भर्ती में फर्जी डिग्री के सहारे अध्यापक बनने वालों की संख्या तो हजारों में है लेकिन कुछ ऐसे लोग भी अध्यापक बन गए हैं जिनके पास बीएड की डिग्री उनके जन्म से कई वर्ष पहले की है।
जन्म से कई वर्ष पहले की डिग्री से टीचर बनने वालों की संख्या 95 बताई जा रही है।
उदाहरण के तौर पर बीएल सिंह सहारसा के सरकारी स्कूल में टीचर हैं जिनकी जन्मतिथि जनवरी 1986 है लेकिन इनकी बीएड डिग्री में डेट 1979 की है।
इतना ही नहीं पूर्वी चम्पारण और सारन से कई ऐसे लोगों के नाम सामने आए हैं जिनकी डिग्री उनके जन्म से पहले की है।