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एसपी ने निर्वस्त्र कर पीटा फिर आंतें फाड़ीं

Wed, 13 Feb 2013 01:03 PM IST
पटना/इंटरनेट डेस्क
पटना/इंटरनेट डेस्क Updated Wed, 13 Feb 2013 01:03 PM IST
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sp brutally beaten a man

बिहार पुलिस का एक खौफनाक चेहरा सामने आया है। शेखपुर जिले में पुलिस ने इस हद तक क्रूरता दिखाई कि एक व्यक्ति को निर्वस्त्र कर पीटा और फिर उसके गुदाद्वार में लाठी घुसाकर आंत फाड़ दी। बुरी तरह जख्मी युवक का इलाज अब दिल्ली के एम्स अस्पताल में चल रहा है।

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एक दैनिक समाचार पत्र में छपी खबर के अनुसार, बिहार के एक पुलिस अधीक्षक ने 21 साल के एक युवक के गुदाद्वार में लाठी घुसाकर उसकी बड़ी आंत फाड़ दी। पटना में उसका ऑपरेशन सफल नहीं होने पर उसे एम्स लाया गया है और यहां भी एक ऑपरेशन हो चुका है। इस दर्दनाक घटना को अंजाम देने वाले एसपी को निलंबित किया गया है। साथ ही सीआईडी जांच बैठाई गई है और रिपोर्ट के बाद कार्रवाई करने की बात कही गई है।
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जानकारी के अनुसार, 24 जनवरी को शेखपुर जिले में टोयगढ़ निवासी मुकेश कुमार को जयरामपुर थाने का एक कांस्टेबल एक युवक बाबूराम के घर ले गया। दोपहर दो बजे पुलिस अधीक्षक के आते ही पुलिसवालों ने युवक के हाथ-पैर और गला पकड़ लिया। फिर उसे निर्वस्त्र कर खुद पुलिस अधीक्षक ने एक लाठी उसके गुदाद्वार में घुसा दी। बाद में बुरी तरह घायल उस युवक को पटना मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया।
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शराब तस्करी का झूठा केस
इस घटना के पीछे यह कारण बताया गया है कि मुकेश ने एक स्थानीय शराब ठेकेदार मंटू सिंह को लगभग 85 हजार रुपए उधार दिए थे। पुलिस से मिलीभगत की वजह से ठेकेदार ने पैसा लौटाने से मना कर दिया। ठेकेदार मंटू ने एक दलाल की मदद से मुकेश के खिलाफ शराब की तस्करी का एक झूठा मामला भी दर्ज करा दिया। इसके बाद पुलिस अधीक्षक ने इस घटना को अंजाम दिया।

'कभी खड़े होकर काम नहीं कर सकेगा'
डॉक्टरों के अनुसार, जख्म इतना गहरे हैं कि बड़ी आंत पूरी तरह फट गई है। दो ऑपरेशनों के बाद भी हालत अभी तक ठीक नहीं हो पाई है। आंत ट्रांसप्लाट करना जरूरी है और उसके लिए दो और ऑपरेशन करने पड़ सकते हैं। इसके बावजूद भी डॉक्टरों ने परिजनों को बताया है कि इलाज सफल होने पर भी पीड़ित कभी खड़े होकर काम नहीं कर सकेगा।


नहीं मिली कोई सरकारी मदद
पीड़ित के परिवार को राज्य सरकार की ओर से भी कोई मदद नहीं मिल रही है। राज्य सरकार ने इलाज का पूरा खर्च उठाने का भरोसा तो दिलाया था और साथ में पटना मेडिकल कॉलेज के एक डॉक्टर को भी भेजा था पर डॉक्टर एम्स में मुकेश का दाखिला होते ही लौट गया। अब पीड़ित और उसके परिजन दवाओं और अन्य जरूरतों के लिए उधार मांग कर काम चला रहे हैं।

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