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बिहार में छठ से पहले नहीं छटने वाला है सीटों पर से धुंध

Wed, 24 Oct 2018 02:16 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला
ब्यूरो, अमर उजाला Updated Wed, 24 Oct 2018 02:16 PM IST
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smog will not clear from seats in Bihar before Chhath
नीतीश कुमार - फोटो : ANI
बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के भीतर लोकसभा चुनाव 2019 के लिए सीट शेयरिंग के फॉर्मूले पर जो चर्चाएं हो रही हो, लेकिन सीटों पर से धुंध छठ से पहले छंटने की उम्मीद कम है। जदयू की ओर से जरूर यह बयान आता रहा है कि सीटों पर बातचीत पूरी हो गई और विधिवत एलान कभी भी संभव है, लेकिन अन्य सहयोगी दल इससे इनकार करते रहे हैं।
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लोक जनशक्ति पार्टी के नेता व प्रदेश अध्यक्ष पशुपति पारस और राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के महासचिव माधव आनंद ने साफ शब्दों में कहा है कि सीट शेयरिंग पर कोई बातचीत अभी नहीं हुई है। पारस ने तो यहां तक कहा कि अब जो भी होगा छठ के बाद ही होगा।
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वैसे नीतीश कुमार के करीबी और जदयू के महासचिव संजय झा का दावा है कि दिवाली से पहले सीट शेयरिंग की सार्वजनिक घोषणा हो जाएगी। जदयू महासचिव का कहना है कि जदयू और भाजपा के बीच बातचीत पूरी हो चुकी है। उनकी पार्टी को रालोसपा और लोजपा के साथ समझौता नहीं करना है, बल्कि भाजपा ये काम करेगी।
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उन्होंने कहा कि इन दोनों दलों को सीटें देने के बाद जो सीटें बचेंगी वो अगर सम संख्या में है तो भाजपा और जदयू के बीच बराबर की संख्या में बंटेगी। अगर ये विषम संख्या है तो अतिरिक्त सीट भाजपा के खाते में जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि रालोसपा अगर गठबंधन से हटने का फैसला करती है तो उसके खाते की दो सीटें दोनों दलों में बंट जाएगी।

लोजपा संसदीय दल के नेता चिराग पासवान भी मानते हैं कि उनकी बातचीत राजग से नहीं बल्कि भाजपा से हो रही है। उन्होंने कहा कि लगभग दो तीन हफ्ते पहले भाजपा के साथ अनौपचारिक बातचीत हुई थी, लेकिन उसके बाद बात आगे नहीं बढ़ी। इसलिए कितनी सीटें किसे मिलेगी यह अभी कह पाना संभव नहीं है।


लोजपा के प्रदेश अध्यक्ष पारस कहते हैं कि उनकी पार्टी सात सीटों से कम पर समझौता नहीं कर सकती है। लोजपा को झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी सीटें चाहिए। रालोसपा के राष्ट्रीय महासचिव माधव आनंद भी मानते हैं कि 2014 के मुकाबले उनकी पार्टी का जनाधार बढ़ा है। उन्होंने कहा कि किसी भी फॉर्मूले के तहत रालोसपा को दो सीटें स्वीकार्य नहीं है।
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