Bihar News: श्रवण कुमार बने जदयू विधायक दल के नेता, नीतीश कुमार ने क्यों लगाई इनके नाम पर मुहर?
नई सरकार के गठन छठे दिन जदयू को विधायक दल का नेता मिल गया है। कुर्मी समाज से आने वाले श्रवण कुमार को 84 विधायकों का नेता चुना गया है।
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बिहार विधान सभा सचिवालय द्वारा जारी पत्र में जनता दल (यूनाइटेड) विधायक दल के नेता के चयन की पुष्टि की गई है। पत्र के अनुसार, श्रवण कुमार को जदयू विधायक दल का नेता चुना गया है। यह निर्णय पार्टी की बैठक में लिया गया, जिसे विधानसभा अध्यक्ष को सूचित किया गया है। इसके बाद विधानसभा सचिवालय ने औपचारिक रूप से इसकी जानकारी जारी की। जारी पत्र में बताया गया है कि 21 अप्रैल 2026 को हुई प्रक्रिया के तहत श्रवण कुमार के नाम पर सहमति बनी। पत्र बिहार विधानसभा के प्रभारी सचिव की ओर से जारी किया गया है, जिसमें संबंधित अधिकारियों और विभागों को भी इसकी सूचना भेजी गई है।
श्रवण कुमार को ही क्यों चुना गया नेता
जदयू सूत्रों की मानें तो नई सरकार में उपमुख्यमंत्री का पद भी मिलने से श्रवण कुमार नाराज चल रहे थे। इसलिए उनकी नाराजगी दूर करने के लिए पहले उन्हें वाई प्लस श्रेणी की सुरक्षा दी गई थी। अब उन्हें विधायक दल का नेता चुना गया। राजनीतिक विश्लेषकों की माने तो नीतीश कुमार ने श्रवण कुमार को विधायक दल का नेता बनकर फिर से सोशल इंजीनियरिंग की मिसाल पेश की है। चूंकि जनता दल यूनाइटेड का आधार ही लवकुश समीकरण है। श्रवण कुमार कुर्मी जाति से आते हैं। नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद ऐसा लग रहा था कि जदयू के दो उपमुख्यमंत्री में से कोई एक कुर्मी जाति से होगा। लेकिन, ऐसा नहीं हुआ। नीतीश कुमार ने भूमिहार जाति से आने वाले विजय चौधरी और यादव जाति से बिजेंद्र प्रसाद यादव को उपमुख्यमंत्री बना दिया। अब सामाजिक संतुलन बनाए रखने के लिए श्रवण कुमार विधायक दल का नेता बना दिया।