बिहार में भाजपा को चुनौती देगी शिवसेना
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केंद्र और महाराष्ट्र की भाजपा सरकार में साझीदार शिवसेना भी बिहार चुनाव में अपना दम दिखाएगी। असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एमआईएमआईएम के बाद रविवार को शिवसेना ने भी बिहार के चुनावी मैदान में उतरने का ऐलान कर दिया है।
शिवसेना ने तय किया है कि वह 100 से ज्यादा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी और भाजपा के सामने चुनौती पेश करेगी। पार्टी प्रवक्ता व सांसद संजय राउत ने कहा है कि शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे जल्द ही प्रत्याशियों की सूची जारी कर भाजपा व एनडीए के खिलाफ अपनी चुनावी रणनीति का खुलासा करेंगे।
राउत ने रविवार को कहा कि पार्टी बिहार चुनाव में 100 से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए तैयार है। बिहार चुनाव के लिए पार्टी की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि शिवसेना बिहार में अपनी सहयोगी पार्टी भाजपा के साथ नहीं बल्कि अपने दम पर चुनाव में उतरेगी।
एक सवाल के जवाब में राउत ने कहा कि बिहार में भाजपानीत एनडीए के कई बड़े घटक दल मिलकर साथ चुनाव लड़ रहे हैं, लेकिन शिवसेना उसमें शामिल नहीं है। हालांकि पहले यह चर्चा थी कि शिवसेना बिहार में भाजपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी लेकिन राउत ने साफ कर दिया है कि भाजपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ने का सवाल ही पैदा नहीं होता।
इन जिलों में चुनौती दे सकती है शिवसेना
शिवसेना ने उत्तर बिहार और मध्य बिहार पर ज्यादा फोकस करने की योजना बनाई है। शिवसेना सूत्रों के मुताबिक पार्टी बिहार के बेतिया, चंपारण, गोपालगंज, जहानाबाद, सीवान, मधुबनी, दरभंगा और पटना आदि जिलों में अपने मजबूत प्रत्याशी उतारने की तैयारी में है।
इसके साथ ही बिहार के सीमांचल इलाके में शिवसेना अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराना चाहती है।
इससे बिहार चुनाव में ओवैसी की पार्टी जहां जनता परिवार के लिए नुकसानदेह साबित होगी वहीं शिवसेना भी भाजपा और एनडीए के घटक दलों के राह का कांटा बनेगी।