जीत के खुमार में डूबी भाजपा को शत्रु ने दिया झटका
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिहार विधानपरिषद चुनावों में शानदार नतीजों से भाजपा जोश में दिख रही है लेकिन उसका यह जोश विधानसभा चुनावों में गायब हो सकता है। पार्टी की सबसे बड़ी दिक्कत बन सकते हैं उसके ही सांसद शत्रुघ्न सिन्हा।
लगातार बागी तेवरों में दिख रहे शॉटगन ने जीत के नशे में डूबी भाजपा की खुशी यह कहकर काफूर कर दी है कि पार्टी को इस जीत पर इतराने की जरूरत नहीं है।
वहीं वह यहीं पर ही नहीं रुके उन्होंने बड़ी जीत के बाद भी भाजपा में किसी को मुख्यमंत्री के लायक न मानते हुए लोकजनशक्ति पार्टी के मुखिया राम विलास पासवान को बेहतर उम्मीदवार बता दिया।
केन्द्रीय नेतृत्व द्वारा लगातार खुद को नजरअंदाज करने से शत्रुघ्न सिन्हा की नाराजगी बढ़ती ही जा रही है। यही कारण है कि वह अपने बेबाक बयानों से कई बार पार्टी की मुश्किलें बढ़ा चुके हैं। अब उन्होंने यह कहकर पार्टी के सामने असमंजस की स्थिति कर दी है कि पासवान मुख्यमंत्री पद के लिए बेहतर चेहरे हो सकते हैं।
सिन्हा के बयान से बढ़ सकती हैं भाजपा की मुश्किलें
उन्होंने कहा कि पासवान के पास राजनीति का लंबा और बेदाग अनुभव है और वह सभी नेताओं के लिए स्वीकार्य भी हैं। हालांकि वह जोड़ने से भी नहीं चूके की मुख्यमंत्री उम्मीदवार का निर्णय तो भाजपा का संसदीय बोर्ड करेगा।
वहीं जब उनसे खुद के बारे में पूछा गया तो उन्होंने खुद को सीएम के लायक मानने से ही इंकार कर दिया। वहीं उनकी नाराजगी के चलते यह भी माना जा रहा है कि वह 25 जुलाई को बिहार में होने वाली प्रधानमंत्री की रैली में भी शिरकत नहीं करेंगे।
वहीं शॉटगन के इस बयान के बाद पार्टी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं क्योंकि उसके संभावित साझीदार जीतन राम मांझी और पप्पू यादव पहले ही उस पर दबाव बनाए हुए हैं।
बिहार में कई कई पार्टियों से गठबंधन के चलते पहले ही पार्टी को सीएम पद के कई कई अघोषित उम्मीदवारों का दबाव भी झेलना पड़ रहा है। अब शत्रुघ्न सिन्हा का यह बयान पार्टी के गले की हड्डी बन सकता है।