फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   Shahabuddin said the media has spoiled my image

बोला शहाबुद्दीन, मेरे नाम का डर मीडिया या भाजपा से आता है

Sat, 17 Sep 2016 11:22 AM IST
सलमान रावी/बीबीसी संवाददाता
सलमान रावी/बीबीसी संवाददाता Updated Sat, 17 Sep 2016 11:22 AM IST
विज्ञापन
Shahabuddin said the media has spoiled my image
- फोटो : bbc

राष्ट्रीय जनता दल के नेता और पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन का कहना है कि पत्रकार राजदेव की हत्या की जांच कर रही सीबीआई की टीम का वो पूरा सहयोग करेंगे। 

विज्ञापन


देश की प्रमुख जांच एजेंसी का एक दल शुक्रवार को सीवान पहुंच चुका है और वो नए सिरे से पत्रकार हत्याकांड की जांच कर रहा है। इससे पहले मारे गए पत्रकार की पत्नी आशा देवी ने केंद्रीय गृह मंत्रालय से गुहार लगाई थी कि पूरे मामले की फिर से जांच होनी चाहिए।
विज्ञापन


वहीं शुक्रवार को ही सीवान पुलिस ने पत्रकार राजदेव रंजन की हत्या के एक आरोपी मोहम्मद कैफ की संपत्ति की कुर्की भी की। पुलिस का कहना है क्योंकि कैफ कई दिनों से फरार है इसलिए उसके घर की कुर्की करनी पडी।
विज्ञापन
विज्ञापन


मामले में राजनीतिक घमासान तब शुरू हुआ जब कैफ को एक वीडियो में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री तेजस्वी यादव के साथ दिखाया गया। बीबीसी से बात करते हुए मोहम्मद शहाबुद्दीन का कहना था कि वो जांच में हर तरह का सहयोग करेंगे।

हालांकि उनका कहना था कि पत्रकार हत्याकांड के आरोपी मोहम्मद कैफ के साथ भारतीय जनता पार्टी के भी कई बड़े नेताओं की तस्वीरें देखने को मिल रही हैं।

शहाबुद्दीन पर 63 के आस-पास मामले दर्ज हैं, मगर उनका कहना है कि इनमें से सिर्फ एक मामले में ही उन्हें सीधे तौर पर अभियुक्त बनाया गया है। उनका यह भी कहना है कि उनके खिलाफ ज़्यादातर मामले राजनीति से प्रेरित हैं।

शहाबुद्दीन का दावा, सरकार ने झूठे मामलों में फंसाया

Shahabuddin said the media has spoiled my image

वो कहते हैं, ''मेरे खिलाफ बिजली चोरी तक का मामला दर्ज किया गया है और बिजली चोरी के इलज़ाम में मुझे दिल्ली से गिरफ्तार किया गया, फिर हवाई जहाज से पटना लाया गया और फिर वहां से हेलीकॉप्टर से सीवान अदालत में पेशी के लिए लाया गया और फिर हेलीकॉप्टर से ही जेल ले जाया गया।

कभी सुना है बिजली की चोरी करने के आरोप में किसी के साथ कभी ऐसा किया गया हो।" शहाबुद्दीन पर आरोप है कि जेल में रहते हुए भी वो अपना साम्राज्य चलाते रहे, यहां तक की जेल में वो दरबार भी लगाया करते थे।

इस पर शाहबुद्दीन ने बीबीसी से कहा, ''जेल में जब उनसे उनकी पार्टी का कोई बड़ा नेता मिलने आता था तो कारापाल के कक्ष में ही बैठाया जाता था।''  उनका कहना है कि ऐसा करना 'जेल मैन्युअल' में है।


इसके अलावा भी उन पर, जेल में रहते हुए कई हत्याओं की साज़िश रचने का आरोप है, जिसमें चंद्रकेश्वर प्रसाद के पुत्रों की हत्या और इस मामले के गवाह की हत्या की साज़िश का भी आरोप लगाया गया है।

शहाबुद्दीन कहते हैं, ''इस हत्या में उनका नाम 'ज़बरदस्ती घसीटा गया है, जबकि पूरा मामला ज़मीन की खरीद बिक्री से जुड़ा हुआ है जिससे उनका कोई लेना-देना नहीं है।''

भाजपा ने खोला शहाबुद्दीन की रिहाई के खिलाफ मोर्चा

Shahabuddin said the media has spoiled my image

वहीं चंद्रकेश्वर प्रसाद की तरफ से जाने माने वकील प्रशांत भूषण ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है जिसमें कहा गया है कि मोहम्मद शहाबुद्दीन को जमानत पर रिहा करने से मामले की जांच प्रभावित हो सकती है।

सुप्रीम कोर्ट ने याचिका स्वीकार कर ली है और सोमवार को इसपर फैसला भी आ सकता है। प्रशांत भूषण की याचिका के बारे में पूछे जाने पर शहाबुद्दीन कहते हैं, "यह न्यायिक प्रक्रिया है, मुझे जमानत अदालत ने दी है। इससे ज़्यादा मुझे इसपर और कुछ नहीं कहना है."

वैसे 'डॉन' शब्द पर शहाबुद्दीन को 'आपत्ति' है। उनका मानना है कि मीडिया वालों ने ही उनकी छवि को 'डॉन' के रूप में पेश किया। वो इस शब्द से नाराज हो जाते हैं।

कहते हैं, "डॉन क्या है, इस शब्द से सिर्फ मुझे ही नहीं, सबको आपत्ति है। डॉन को परिभाषित कीजिए आखिर डॉन होता क्या है? अगर मैं उस परिभाषा में आता हूं तो ठीक है, मेरे नाम का डर आता कहां से है? मीडिया से या भाजपा के ऑफिस से ?"

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed