फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   SC notice on petition against the ban on reporting of Muzaffarpur shelter home investigation

मुजफ्फरपुर आश्रयगृह जांच की रिपोर्टिंग पर रोक के खिलाफ याचिका पर न्यायालय का नोटिस

Tue, 11 Sep 2018 03:10 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 11 Sep 2018 03:10 PM IST
विज्ञापन
SC notice on petition against the ban on reporting of Muzaffarpur shelter home investigation
उच्चतम न्यायालय ने मुजफ्फरपुर आश्रयगृह कांड की जांच की रिपोर्टिंग पर प्रतिबंध लगाने के पटना उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ याचिका पर मंगलवार को बिहार सरकार और सीबीआई को नोटिस जारी किया है। इस आश्रय गृह की कई महिलाओं का कथित रूप से बलात्कार और यौन शोषण किया गया था।
विज्ञापन


न्यायमूर्ति मदन बी लोकूर और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ ने राज्य सरकार और जांच ब्यूरो, जो इस कांड की जांच कर रहा है, से 18 सितंबर से पहले जवाब मांगा है। इस मामले में अब 18 सितंबर को आगे सुनवाई होगी। 
विज्ञापन


पीठ को सूचित किया गया कि उच्च न्यायालय ने 29 अगस्त को एक महिला वकील को इस मामले में न्याय मित्र नियुक्त किया है और उससे कहा है कि वह आश्रयगृह जाये जहां कथित पीड़ितों को रखा गया है और उनके पुनर्वास के इरादे से उनका इंटरव्यू करे।
विज्ञापन
विज्ञापन


शीर्ष अदालत ने इस मामले में न्याय मित्र नियुक्त करने के उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक लगा दी है। इस कांड की जांच की रिपोर्टिंग पर रोक लगाने के आदेश को पटना के एक पत्रकार ने शीर्ष अदालत में चुनौती दी है।

लंबे समय से आश्रय गृह की महिलाओं से कथित बलात्कार और यौन शोषण के कारण सुर्खियों में आये मुजफ्फरपुर के इस आश्रयगृह का संचालन एक गैर सरकारी संस्था करती है। मुंबई स्थित टाटा इंसटीट्यूट आफ सोशल साइसेंज (टिस) द्वारा इस संस्था के सोशल आडिट के दौरान यह मामला मामले आया।


बिहार के समाज कल्याण विभाग को सौंपी गयी टिस की सोशल आडिट की रिपोर्ट में पहली बार लड़कियों के कथित यौन शोषण की बात सामने आयी। इस आश्रय गृह में 30 से अधिक लड़कियों का कथित रूप से बलात्कार हुआ था। 

इस संबंध में 31 मई को संस्था के मुखिया बृजेश ठाकुर सहित 11 व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुयी थी। इस मामले की जांच अब सीबीआई कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed