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Bihar News: बिहार सरकार के खिलाफ संविदा कर्मियों का विरोध तेज, TRE-4 भर्ती प्रक्रिया में देरी पर जताई नाराजगी

Mon, 15 Sep 2025 05:10 PM IST
आशुतोष प्रताप सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीवान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीवान Published by: आशुतोष प्रताप सिंह Updated Mon, 15 Sep 2025 05:10 PM IST
सार

सीवान में आज AISA और AICCTU के संयुक्त तत्वावधान में संविदा कर्मियों के समर्थन में राज्यव्यापी प्रतिवाद मार्च निकाला गया। मार्च में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और बिहार सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। AICCTU और AISA नेताओं ने सफाई कर्मियों के आर्थिक शोषण, अनियमित वेतन, बर्खास्तगी और TRE-4 भर्ती प्रक्रिया में विलंब पर चिंता जताई।

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Statewide protest march in support of contract workers in Siwan, pressure on the government increased
बिहार सरकार के खिलाफ संविदा कर्मियों का विरोध तेज - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) और ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियन्स (AICCTU) के संयुक्त तत्वावधान में संविदा कर्मियों पर पुलिस लाठीचार्ज और बर्खास्तगी के खिलाफ राज्यव्यापी प्रतिवाद मार्च निकाला गया। इस मार्च में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और बिहार सरकार की नीतियों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए संविदा कर्मियों पर हो रहे अन्याय को उजागर किया।
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AICCTU के राज्य सचिव अमित कुमार ने कहा कि नगर परिषदों में सफाई कर्मियों को संविदा पर रखकर उनका आर्थिक शोषण किया जा रहा है। वेतन भुगतान अनियमित है और ठेकेदारों तथा अधिकारियों की मिलीभगत से कर्मियों का उत्पीड़न आम हो गया है। उन्होंने सरकार से मांग की कि सफाई कर्मियों को तत्काल स्थायी किया जाए ताकि उनकी आजीविका सुरक्षित हो सके।
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AISA के राज्य सह-सचिव प्रिंस पासवान ने बर्खास्तगी को हजारों परिवारों की आजीविका पर हमला करार दिया। उन्होंने शिक्षक भर्ती प्रक्रिया (TRE-4) में देरी और 1 लाख से अधिक रिक्त पदों पर नियुक्ति में विलंब की कड़ी निंदा की। पासवान ने कहा कि नौकरी की मांग करने वालों पर पुलिस दमन लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है और सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की।

मार्च में सोनू कुशवाहा, गईशुद्दीन अंसारी, अनीश कुशवाहा, मुकेश यादव, नीरज कुशवाहा, पप्पू जी, सुशील कुशवाहा और शाहिद जैसे नेताओं ने भी हिस्सा लिया। AISA और AICCTU ने सरकार के समक्ष तीन प्रमुख मांगें रखीं: संविदा कर्मियों पर दमन बंद हो, बर्खास्त कर्मियों की तत्काल बहाली की जाए, TRE-4 भर्ती प्रक्रिया पूरी की जाए और सफाई कर्मियों का स्थायीकरण किया जाए। इस मार्च ने सरकार पर शोषण रोकने और कर्मियों के अधिकारों की रक्षा करने का दबाव और बढ़ा दिया है।
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