Bihar: हथियार सत्यापन के समय JDU नेता के अंगरक्षक को लगी गोली, स्वास्थ्य मंत्री के गृह जिले में बदहाल व्यवस्था
Siwan News: सीवान में हथियार सत्यापन के दौरान पूर्व JDU विधायक हेमनारायण साह के अंगरक्षक को गोली लग गई। जब उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया तो स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल व्यवस्था उजागर हो गई। पढ़ें पूरी खबर...।
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विस्तार
सीवान जिले के महाराजगंज में शुक्रवार को एक चौंकाने वाली घटना घटी, जब पूर्व विधायक और जदयू नेता हेमनारायण साह के निजी अंगरक्षक जनकदेव सिंह को हथियार सत्यापन के दौरान गोली लग गई। यह हादसा प्रखंड कार्यालय में उस समय हुआ, जब जनकदेव सिंह राइफल का सत्यापन करा रहे थे। गोली उनके पैर में लगी, जिसके बाद अफरातफरी मच गई। इस घटना ने न केवल स्थानीय प्रशासन की तैयारियों पर सवाल उठाए, बल्कि बिहार के स्वास्थ्य मंत्री के गृह जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की लचर स्थिति को भी उजागर कर दिया। घायल अंगरक्षक को इलाज के लिए पटना रेफर किया गया है, लेकिन इस प्रक्रिया में कई खामियां सामने आईं।
प्रखंड कार्यालय में गोली चलने से हड़कंप
महाराजगंज के प्रखंड कार्यालय में शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब पूर्व विधायक हेमनारायण साह के निजी अंगरक्षक जनकदेव सिंह हथियार सत्यापन के लिए प्रखंड विकास पदाधिकारी के कक्ष में पहुंचे। सत्यापन के दौरान उनकी पिस्तौल में पहले से फंसी गोली अचानक चल गई, जो सीधे उनके पैर में जा लगी। इस अप्रत्याशित हादसे के बाद कार्यालय में मौजूद लोग स्तब्ध रह गए। घटना की गंभीरता को देखते हुए पूर्व विधायक और अन्य सरकारी अंगरक्षकों ने तुरंत जनकदेव सिंह को अपनी निजी गाड़ी से स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) पहुंचाया। इस हादसे ने हथियार सत्यापन की प्रक्रिया में सावधानी की कमी को भी उजागर किया।
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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की लचर व्यवस्था
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने पर जनकदेव सिंह को प्राथमिक उपचार दिया गया, लेकिन वहां की चिकित्सा व्यवस्था की खामियां सामने आईं। पीएचसी में न तो पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं थीं और न ही आपात स्थिति के लिए एम्बुलेंस उपलब्ध थी। मजबूरन घायल को प्राथमिक उपचार के बाद निजी गाड़ी से ही सीवान के सदर अस्पताल ले जाया गया। इस प्रक्रिया में कीमती समय बर्बाद हुआ, जिसने स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली को एक बार फिर उजागर कर दिया। घायल अंगरक्षक ने बताया कि इस हादसे के बाद इलाज के लिए काफी भाग-दौड़ करनी पड़ी, जिससे उनकी पीड़ा और बढ़ गई।
सदर अस्पताल से पटना रेफर, एम्बुलेंस की कमी
सदर अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि गोली जनकदेव सिंह के पैर में फंसी हुई है और तत्काल सर्जरी की आवश्यकता है। चूंकि सदर अस्पताल में इस तरह की सर्जरी के लिए संसाधन उपलब्ध नहीं थे, उन्हें पटना रेफर कर दिया गया। हालांकि यहां भी एम्बुलेंस की व्यवस्था में देरी हुई। पूर्व विधायक हेमनारायण साह को काफी मशक्कत के बाद एम्बुलेंस का इंतजाम करना पड़ा, जिसके बाद घायल को पटना भेजा गया। इस पूरी प्रक्रिया ने न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की कमी को उजागर किया, बल्कि आपातकालीन परिस्थितियों में प्रशासन की तैयारी पर भी सवाल खड़े किए।
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स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर उठे गंभीर सवाल
यह घटना बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के गृह जिले सीवान में हुई, जिसने स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सदर अस्पताल में न तो पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं थीं और न ही आपात स्थिति में एम्बुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित की गई। इस घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया कि अगर एक पूर्व विधायक के अंगरक्षक को समय पर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पाईं, तो आम जनता की स्थिति क्या होगी। स्थानीय लोगों ने इस घटना को लेकर सरकार की योजनाओं और स्वास्थ्य सेवाओं की प्रभावशीलता पर सवाल उठाए हैं।