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Bihar News: 23 वर्षों पहले कर दिया था अंतिम संस्कार, अब अचानक लौट आई मृत मां; सच्चाई जान उड़े परिवार के होश
Tue, 29 Oct 2024 03:35 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सारण
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सारण
Published by: हिमांशु प्रियदर्शी
Updated Tue, 29 Oct 2024 03:35 PM IST
सार
Saran News: सारण से अद्भुत घटना सामने आई है, जिसकी किसी ने कल्पना नहीं की थी। यहां एक महिला 23 वर्षों बाद घर लौट आई, जिन्हें मृत मानकर अंतिम संस्कार और श्राद्ध भी कर दिया गया था। पढ़ें पूरी खबर...।
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23 वर्षों बाद घर लौटीं प्रभावती देवी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सारण जिले के मढ़ौरा अनुमंडल के सलीमापुर गांव में एक अद्भुत घटना सामने आई है। जहां 23 वर्षों से लापता वृद्ध महिला प्रभावती देवी, जिन्हें परिवार ने मृत समझ लिया था, अचानक वापस लौट आई हैं। गांव के लोग और परिवार के सदस्य उनकी वापसी से भावविभोर हैं।
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कैसे गुम हुईं प्रभावती देवी?
जानकारी के मुताबिक, वर्ष 2003 में प्रभावती देवी कलकत्ता के बांस बेरिया जूट मिल के पास सब्जी मंडी से गुम हो गई थीं। उस समय उनके बेटे सब्जी बेचने का काम कर रहे थे, लेकिन प्रभावती देवी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। चार साल तक पूरे परिवार ने कलकत्ता में उनकी तलाश की, लेकिन सफलता न मिलने पर अंततः उन्हें मृत मानकर उनका श्राद्धकर्म कर दिया गया।
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मदर टेरेसा संस्था का योगदान
वृद्ध महिला की कोलकाता में 2022 में मदर टेरेसा चैरिटेबल ट्रस्ट के सदस्यों को तारातल्ला में अस्वस्थ और मानसिक रूप से असंतुलित हालत में मिलीं। संस्था ने उनकी देखभाल और इलाज किया। महिला ने धीरे-धीरे अपने बेटे और गांव का नाम बताना शुरू किया, जिससे संस्था उनके परिवार से संपर्क करने में सफल रही। संस्था ने वीडियो कॉल के जरिए उनके बेटे संतोष को उनकी मां की पहचान कराई। संतोष की आंखों में मां को देख आंसू छलक पड़े।
घर और गांव में खुशी का माहौल
प्रभावती देवी की वापसी के बाद, गांव में दिवाली से पहले ही उत्सव जैसा माहौल बन गया है। गांववालों और परिवार के सदस्यों की भीड़ उन्हें देखने पहुंची, जो उन्हें पहचानने की कोशिश कर रही थी। प्रभावती देवी उम्र और बीमारी की वजह से ज्यादा बातचीत नहीं कर पा रही थीं। लेकिन अपनी जानी-पहचानी जगह और परिवार के लोगों के बीच लौटने पर उनके चेहरे पर खुशी झलक रही थी।
दिवाली पर दोगुना हुआ परिवार का उत्साह
प्रभावती देवी के चार बेटे, जो देश के अलग-अलग राज्यों में काम करते हैं, अब दिवाली पर घर लौटने की तैयारी में हैं। परिवार के सभी सदस्य वीडियो कॉल पर उनसे बात कर रहे हैं और दिवाली की तैयारी दोगुने उत्साह से कर रहे हैं।
फिलहाल, प्रभावती देवी की देखभाल उनके देवर और देवरानी कर रहे हैं। मदर टेरेसा संस्था ने उन्हें दवाइयां और देखभाल की उचित सलाह भी दी है। इस घटना ने उनके परिवार में उत्साह की लहर ला दी है और गांव में यह अनोखी घटना चर्चा का विषय बन गई है।