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RJD Strike Gopalganj: 'केंद्र और राज्य सरकार आरक्षण को समाप्त कर दलित, पिछड़े, अल्पसंख्यक की कर रही हकमारी'

Thu, 28 Nov 2024 05:00 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, गोपालगंज
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, गोपालगंज Published by: अरविंद कुमार Updated Thu, 28 Nov 2024 05:00 PM IST
सार

बिहार के गोपालगंज जिले में राष्ट्रीय जनता दल यानी राजद ने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन दिया। इस दौरान राजद ने कहा, केंद्र और राज्य सरकार आरक्षण को समाप्त कर दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक की हकमारी कर रही है।

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RJD Strike Gopalganj Central state government usurping rights of Dalits backward minorities ending reservation
राजद का प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

केंद्र और राज्य सरकार आरक्षण को समाप्त कर दलित पिछड़े व अल्पसंख्यक के साथ हकमारी की साजिश रच रही है, जिसे राजद किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देगा। उक्त बातें अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष रेयाजुल हक राजू ने शहर के अंबेडकर चौक पर राजद द्वारा आयोजित एक दिवसीय धरना को संबोधित करते हुए कही।

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राजू ने बिहार की नीतीश सरकार को आरएसएस की कठपुतली करार देते हुए कहा, महागठबंधन सरकार द्वारा जातीय सर्वेक्षण के बाद आरक्षण की सीमा बढ़ाकर 65 प्रतिशत कर दिया गया था। लेकिन बिहार की नीतीश सरकार द्वारा भाजपा के इशारे पर कोर्ट में सही तरीके से अपना पक्ष नहीं रखने के कारण कोर्ट द्वारा उस पर रोक लगा दी गई है, जिसके खिलाफ राजद ने ऊपरी अदालत में अपील भी दायर कर रखी है। उन्होंने कहा कि जब तक प्रदेश में 65 प्रतिशत आरक्षण की सीमा लागू नहीं हो जाती, राजद का सड़क से सदन तक आंदोलन जारी रहेगा। राजद नेता और पूर्व विधानसभा प्रत्याशी मोहन प्रसाद गुप्ता ने नीतीश कुमार पर हमला बोलते हुए कहा कि वे पर्दे के पीछे से केंद्र सरकार के दलित व अति पिछड़ा विरोधी एजेंडे को लागू करना चाह रहे हैं, जो कभी पूरा नहीं होगा।
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राजद के प्रधान महासचिव इम्तेयाज अली भुट्टो और पार्टी उपाध्यक्ष सुनील कुमार बारी ने कहा कि महागठबंधन सरकार में उप मुख्यमंत्री रहते हुए तेजस्वी यादव ने 500 करोड़ रुपये खर्च कर जातीय सर्वेक्षण करवाकर आबादी के अनुपात में आरक्षण की सीमा 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 65 प्रतिशत कर दिया था। परंतु मामला जब अदालत में चल रहा था तो राज्य सरकार ने इसे गंभीरता से नहीं लिया, जिस कारण उच्च न्यायालय ने इस पर रोक लगा दी। नीतीश कुमार यदि केंद्र सरकार पर दबाव बना कर इसे 9वीं अनुसूचि में शामिल कर दिया होता तो ऐसी नौबत ही नहीं आती। इन नेताओं ने कहा कि भाजपा शुरू से ही जातीय जनगणना के खिलाफ रही है। तेजस्वी यादव के प्रयास से बिहार में जातीय जनगणना को अंजाम तक पहुंचाया गया। अब इस जनगणना को पूरे देश में कराए बिना पिछड़े समाज को उसका हक और अधिकार नहीं मिल सकता। धरना की अध्यक्षता राजद के प्रधान महासचिव इम्तेयाज अली भुट्टो ने किया। जबकि संचालन जिला उपाध्यक्ष सुनील कुमार बारी ने किया।
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धरना को राजद के प्रदेश सचिव अरविंद कुमार पप्पू, पंचायती राज के प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश यादव, विनय कुमार दुबे, पार्टी उपाध्यक्ष सुरेश चौधरी, पिंटू पांडेय, जिला महासचिव मो हसमुद्दीन, मो सोनू, विशाल सिंह भूमिहार, दिवाकर यादव, मो कासिम, गुफरान रशीद मिंटू, युवा राजद के प्रदेश उपाध्यक्ष संतोष यादव, मो शहजाद, रवि कुमार गुप्ता, मो सहिम, राजेश यादव, रविन्द्र महतो, मुकेश यादव, सुरेश प्रसाद यादव, अनिल यादव, संजीव सिंह राजपूत, रंगलाल राम और नवीन सिंह आदि मौजूद रहे। धरना समाप्ति के बाद राजद के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा, जिसमें पूरे देश में जातीय जनगणना कराने तथा 65 प्रतिशत आरक्षण को संविधान की 9वीं अनुसूची में डालने की मांग की गई।

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