बिहार: सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में चुनावी सुगबुगाहट तेज, 29 सितंबर से शुरू होगा नामांकन; इस दिन मतदान
सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के द्विवार्षिक चुनाव के लिए 29 सितंबर से 6 अक्टूबर तक नामांकन होगा। 23 अक्टूबर को 98 मतदान केंद्रों पर 10,743 शिक्षक मतदाता मतदान करेंगे। 7 अक्टूबर को संवीक्षा और 27 अक्टूबर को मतगणना होगी।
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बिहार विधान परिषद के सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के द्विवार्षिक निर्वाचन-2026 को लेकर प्रशासनिक तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। निर्वाचन कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही सारण, सिवान, गोपालगंज, पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है, जो 31 अक्टूबर तक प्रभावी रहेगी।
निर्वाची पदाधिकारी सह सारण के प्रमंडलीय आयुक्त मनीष कुमार ने प्रेस वार्ता में चुनावी तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नामांकन प्रक्रिया 29 सितंबर से शुरू होगी और 6 अक्टूबर तक चलेगी। अवकाश के दिनों को छोड़कर सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक आयुक्त के न्यायालय कक्ष में नामांकन पत्र दाखिल किए जा सकेंगे। चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थियों के लिए अंतिम निर्वाचक सूची में शामिल 10 निर्वाचकों का प्रस्तावक होना अनिवार्य होगा। नामांकन पत्रों की संवीक्षा 7 अक्टूबर को होगी, जबकि 9 अक्टूबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे।
98 मतदान केंद्रों पर 10,743 शिक्षक मतदाता करेंगे मतदान
सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में कुल 98 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। यहां 10,743 शिक्षक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें 8,885 पुरुष और 1,858 महिला मतदाता शामिल हैं। जिलेवार मतदाताओं की संख्या में सारण में सबसे अधिक 3,824 मतदाता हैं। इसके अलावा सिवान में 2,183, पूर्वी चंपारण में 1,741, पश्चिमी चंपारण में 1,713 और गोपालगंज में 1,282 मतदाता पंजीकृत हैं। मतदान केंद्रों की बात करें तो पश्चिमी चंपारण में 18, पूर्वी चंपारण में 27, गोपालगंज में 14, सिवान में 19 और सारण में 20 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।
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मतपत्र से होगा मतदान
इस चुनाव में ईवीएम की बजाय वैध मतपत्रों के माध्यम से मतदान कराया जाएगा। इसके लिए मतपेटिकाओं की उपलब्धता और मतदान दलों के गठन की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। प्रमंडलीय आयुक्त ने पांचों जिलों के जिलाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर चुनावी तैयारियों का जायजा भी लिया।
प्रचार-प्रसार और रैलियों की अनुमति के लिए जिला स्तर पर सिंगल विंडो सिस्टम स्थापित किया गया है। इसके माध्यम से ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर अनुमति दी जाएगी, ताकि सभी प्रत्याशियों को समान अवसर मिल सके। 23 अक्टूबर को मतदान के बाद 27 अक्टूबर को जिला मुख्यालय स्थित निर्धारित मतगणना केंद्र पर मतगणना होगी। प्रशासन ने चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी, शांतिपूर्ण और समयबद्ध तरीके से संपन्न कराने की तैयारी की है।