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पटना की हवा: पिछले साल दिवाली बाद 32 फीसदी बढा था AQI, इस बार प्रदूषण रोकने के लिए प्रशासन ने क्या प्लान बनाया
Sat, 07 Nov 2026 04:35 PM IST
आदित्य आनंद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: आदित्य आनंद
Updated Sat, 07 Nov 2026 04:35 PM IST
सार
पटना की हवा को लेकर इस बार भी चिंता बढ़ने लगी है। दीपावली से पहले ही AQI में उतार-चढ़ाव जारी है, ऐसे में त्योहार के बाद हालात बिगड़ने की आशंका है। पिछले साल प्रदूषण ने लोगों को परेशान किया था। इस बार प्रशासन की ओर से क्या तैयारी की गई है?
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लोगों के बीच जागरुकता अभियान चलाया गया।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दीपावली पर आतिशबाजी का असर पटना की हवा पर भी दिखाई देता है। इस साल एक और दो नंबर को AQI 59 और 77 रिकॉर्ड किया गया। लेकिन, पिछले चार दिनों में इसमें बढोतरी हुई। AQI तीन नवंबर को 109, चार को 107, पांच को 147, छह को 126 और सात नवंबर यानी आज 150 दर्ज किया गया। पिछले साल त्योहार के बाद शहर की वायु गुणवत्ता में तेजी से गिरावट दर्ज की गई थी। 20 अक्टूबर 2025 को पटना का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 159 था, जो अगले ही दिन बढ़कर 210 पहुंच गया था। यानी महज 24 घंटे में वायु प्रदूषण के स्तर में करीब 32 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई थी। इस बार ऐसी स्थिति से निपटने के लिए बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद ने पहले से निगरानी और जांच की व्यवस्था की है।
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पिछले साल दीपावली के बाद पटना के कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर काफी अधिक दर्ज किया गया था। 21 अक्टूबर को शिकारपुर में एक्यूआई 256, समनपुरा में 236, दानापुर में 229 और मुरादपुर में 227 तक पहुंच गया था। वहीं, नवंबर के शुरुआती दस दिनों में भी शहर की हवा की स्थिति चिंताजनक रही। इस दौरान आठ दिन वायु गुणवत्ता खराब श्रेणी में दर्ज की गई।
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इस बार चार जगहों पर बनाए गए अस्थायी निगरानी केंद्र
पिछले साल के अनुभव को देखते हुए इस बार प्रदूषण नियंत्रण पर्षद ने दीपावली के दौरान विशेष निगरानी की व्यवस्था की है। पटना में चार स्थानों पर अस्थायी निगरानी केंद्र बनाए गए हैं। इनमें बोरिंग रोड चौराहा स्थित कृष्णा एजेंसी के पास, शास्त्रीनगर का बेल्ट्रॉन भवन, औद्योगिक क्षेत्र स्थित पर्यावरण भवन और कंकड़बाग स्थित भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण कार्यालय शामिल हैं। इन केंद्रों के माध्यम से हवा में मौजूद पीएम 2.5, पीएम 10, सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन ऑक्साइड जैसे प्रदूषकों की निगरानी की जाएगी। एक से 15 नवंबर तक चलने वाले इस विशेष अभियान में 24 घंटे वायु गुणवत्ता पर नजर रखी जाएगी। वहीं, ध्वनि प्रदूषण का आकलन शाम छह बजे से रात 12 बजे तक किया जाएगा। इससे दीपावली से पहले और बाद के प्रदूषण स्तर की तुलना करने में मदद मिलेगी।
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पांच से 15 नवंबर तक पटना समेत कई जिलों में खास निगरानी
बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद की ओर से बताया कि पटना समेत बिहार के कई जिलों में पांच नवंबर से 15 नवंबर 2026 वायु गुणवत्ता और ध्वनि प्रदूषण की विशेष निगरानी की जा रही है। इसके तहत पटना, मुजफ्फरपुर, गया, हाजीपुर, बिहारशरीफ, आरा, बक्सर, बेगूसराय, भागलपुर, पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज, मुंगेर और दरभंगा सहित 16 शहरों को शामिल किया गया है। इस अभियान के तहत छह नवंबर को पटना के चार स्थानों पर अस्थायी निगरानी केंद्र बनाए गए, जहां 52 तकनीकी कर्मियों की प्रतिनियुक्ति कर वायु और ध्वनि प्रदूषण के स्तर की जांच शुरू की गई है।
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स्थायी निगरानी केंद्रों से भी जुटाए जाएंगे आंकड़े
अस्थायी केंद्रों के अलावा पटना में पहले से संचालित वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों के आंकड़ों का भी इस्तेमाल किया जाएगा। इनमें खगौल स्थित डीआरएम कार्यालय परिसर, पटना सिटी, एसके मेमोरियल हॉल, तारामंडल, इको पार्क और समनपुरा के निगरानी केंद्र शामिल हैं। इन स्थानों से मिलने वाले आंकड़ों के आधार पर शहर के अलग-अलग इलाकों में प्रदूषण की स्थिति का आकलन किया जाएगा।
सिर्फ पटाखे नहीं, धूल और वाहनों का धुआं भी बढ़ाते हैं प्रदूषण
पटना में वायु प्रदूषण के लिए केवल पटाखों को जिम्मेदार नहीं माना जा सकता। वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल, सड़कों पर जमा मिट्टी और खुले में कचरा जलाने जैसी गतिविधियां भी हवा की गुणवत्ता को प्रभावित करती हैं। सर्दी बढ़ने के साथ हवा की गति कम होने पर प्रदूषक कण वातावरण में अधिक समय तक बने रह सकते हैं। प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए सड़कों की नियमित मैकेनाइज्ड सफाई, पानी का छिड़काव, निर्माण स्थलों पर धूल रोकने के उपाय, प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर कार्रवाई और पटाखों से जुड़े नियमों का पालन कराने जैसे कदम भी अहम हैं।
बच्चों और बुजुर्गों को बरतनी होगी विशेष सावधानी
एक्सपर्ट की मानें तो दीपावली के बाद वायु प्रदूषण बढ़ने पर सबसे अधिक परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों को हो सकती है। ऐसे में प्रदूषण का स्तर अधिक होने पर सुबह-शाम खुले में व्यायाम करने से बचना चाहिए। धुएं और धूल वाले इलाकों में अनावश्यक रूप से जाने से भी परहेज करना जरूरी है। पिछले साल दीपावली के बाद पटना में एक्यूआई का 210 तक पहुंचना बताता है कि त्योहार के दौरान बरती गई लापरवाही का असर कई दिनों तक रह सकता है। इस बार निगरानी के लिए अतिरिक्त केंद्र बनाए गए हैं।