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Bihar: प्रॉपर्टी डीलर की हत्या मामले में अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं, पत्नी की शिकायत पर 10 नामजद हैं; आक्रोश
Mon, 19 May 2025 01:35 PM IST
शबाहत हुसैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीवान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीवान
Published by: शबाहत हुसैन
Updated Mon, 19 May 2025 01:35 PM IST
सार
Siwan: नगर थाना के इंस्पेक्टर राजू कुमार ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और सभी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। हालांकि घटना को चार दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक किसी की गिरफ्तारी न होने से मृतक का परिवार पुलिस की कार्यशैली से बेहद नाराज है।
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मृतक के घर में पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सीवान नगर थाना क्षेत्र के पाल नगर में 15 मई की रात प्रॉपर्टी डीलर और तेल व्यवसायी वीरेंद्र प्रसाद की चाकू मारकर और गला दबाकर हत्या कर दी गई। वह मूल रूप से छपरा के एमएच नगर थाना क्षेत्र के चांदपरसा गांव के निवासी थे। इस सनसनीखेज वारदात ने इलाके में हड़कंप मचा दिया है। मृतक की पत्नी शीला कुमारी देवी की शिकायत पर पुलिस ने दस लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया है, लेकिन घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। इससे मृतक के परिजनों में नाराजगी है।
मोबाइल बंद मिला, शौचालय टैंक में मिला शव
मृतक की पत्नी शीला कुमारी ने दर्ज प्राथमिकी में बताया है कि 15 मई को वह अपने पति वीरेंद्र प्रसाद के साथ चांदपरसा से सीवान के पाल नगर आई थीं। सुबह करीब सात बजे वीरेंद्र छपरा चले गए और शाम साढ़े छह बजे वापस लौटे। रात करीब साढ़े आठ बजे जब उनसे संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उनका मोबाइल बंद मिला। इस पर उनकी बेटी ने पड़ोसियों को सूचना दी और पुलिस को डायल-112 पर कॉल किया गया। पुलिस के साथ की गई खोजबीन के दौरान वीरेंद्र का शव घर के नवनिर्मित शौचालय टैंक से बरामद हुआ। उनके पेट पर चाकू के कई निशान थे और गला दबाने के भी स्पष्ट संकेत मिले हैं।
पढ़ें: मद्य निषेध दारोगा पद के लिए लिखित परीक्षा आयोजित, 105 परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की रही उपस्थिति
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जमीन विवाद में हत्या की आशंका
प्राथमिकी के अनुसार, वीरेंद्र प्रसाद का प्रॉपर्टी व्यवसाय से जुड़ा काम था। इसी को लेकर उनका विवाद राजा राम यादव, लाल बाबू प्रसाद, भरत प्रसाद, मालती देवी, शिप्पू श्रीवास्तव उर्फ राकेश कुमार सिन्हा, अर्जुन यादव, संतोष कुमार, अजय भगत, अरुण सिंह और श्रीराम सिंह से चल रहा था। शीला कुमारी का कहना है कि उनके पति ने पहले भी कई बार आशंका जताई थी कि इन लोगों से उनकी जान को खतरा है।
पुलिस की कार्रवाई से नाराज है परिवार
नगर थाना के इंस्पेक्टर राजू कुमार ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और सभी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। हालांकि घटना को चार दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक किसी की गिरफ्तारी न होने से मृतक का परिवार पुलिस की कार्यशैली से बेहद नाराज है। परिजनों का कहना है कि पुलिस की ढिलाई के कारण हत्यारोपी खुलेआम घूम रहे हैं, जिससे उन्हें जान का खतरा बना हुआ है। इलाके में दहशत का माहौल है और स्थानीय लोग जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी और कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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मोबाइल बंद मिला, शौचालय टैंक में मिला शव
मृतक की पत्नी शीला कुमारी ने दर्ज प्राथमिकी में बताया है कि 15 मई को वह अपने पति वीरेंद्र प्रसाद के साथ चांदपरसा से सीवान के पाल नगर आई थीं। सुबह करीब सात बजे वीरेंद्र छपरा चले गए और शाम साढ़े छह बजे वापस लौटे। रात करीब साढ़े आठ बजे जब उनसे संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उनका मोबाइल बंद मिला। इस पर उनकी बेटी ने पड़ोसियों को सूचना दी और पुलिस को डायल-112 पर कॉल किया गया। पुलिस के साथ की गई खोजबीन के दौरान वीरेंद्र का शव घर के नवनिर्मित शौचालय टैंक से बरामद हुआ। उनके पेट पर चाकू के कई निशान थे और गला दबाने के भी स्पष्ट संकेत मिले हैं।
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जमीन विवाद में हत्या की आशंका
प्राथमिकी के अनुसार, वीरेंद्र प्रसाद का प्रॉपर्टी व्यवसाय से जुड़ा काम था। इसी को लेकर उनका विवाद राजा राम यादव, लाल बाबू प्रसाद, भरत प्रसाद, मालती देवी, शिप्पू श्रीवास्तव उर्फ राकेश कुमार सिन्हा, अर्जुन यादव, संतोष कुमार, अजय भगत, अरुण सिंह और श्रीराम सिंह से चल रहा था। शीला कुमारी का कहना है कि उनके पति ने पहले भी कई बार आशंका जताई थी कि इन लोगों से उनकी जान को खतरा है।
पुलिस की कार्रवाई से नाराज है परिवार
नगर थाना के इंस्पेक्टर राजू कुमार ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और सभी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। हालांकि घटना को चार दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक किसी की गिरफ्तारी न होने से मृतक का परिवार पुलिस की कार्यशैली से बेहद नाराज है। परिजनों का कहना है कि पुलिस की ढिलाई के कारण हत्यारोपी खुलेआम घूम रहे हैं, जिससे उन्हें जान का खतरा बना हुआ है। इलाके में दहशत का माहौल है और स्थानीय लोग जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी और कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।