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Bihar News: बिहार की मुस्कान ने रचा इतिहास, एयरफोर्स में एरोनॉटिकल इंजीनियर बनने का सपना किया साकार
Thu, 09 Jan 2025 09:11 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छपरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छपरा
Published by: हिमांशु प्रियदर्शी
Updated Thu, 09 Jan 2025 09:11 PM IST
सार
Muskan News: मुस्कान ने कहा कि सफलता के लिए विचारों की शुद्धता, खुद पर भरोसा और दृढ़ निश्चय जरूरी है। उनके मुताबिक कि सपने देखना तो आसान है, लेकिन उन्हें पूरा करने के लिए मेहनत और समर्पण चाहिए।
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मुस्कान गिरि
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सारण जिले की बेटी मुस्कान गिरि ने अपनी मेहनत, दृढ़ निश्चय और सपनों को साकार करने की अद्भुत मिसाल पेश की है। बचपन में आकाश में उड़ने के सपने देखने वाली मुस्कान ने देश की सर्वोच्च और चुनौतीपूर्ण एरोनॉटिकल इंजीनियरिंग परीक्षा में सफलता हासिल की है। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे छपरा जिले को गौरवान्वित किया है।
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बचपन का सपना, जीवन की सच्चाई बनी
मुस्कान का बचपन एयरफोर्स में कार्यरत पिता सुमन कुमार गिरि के साथ विभिन्न स्थानों पर बीता। पिता के साथ हवाई जहाज और आकाश में उड़ने की कहानियां सुनते-सुनते, मुस्कान ने भी एक दिन एयरफोर्स का हिस्सा बनने का सपना देखा। उन्होंने इसे मात्र सपना बनाकर नहीं छोड़ा, बल्कि इसे साकार करने के लिए कड़ी मेहनत की।
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शिक्षा और तैयारी का ऐसा रहा सफर
मुस्कान की प्रारंभिक शिक्षा एयरफोर्स कैंपस के केंद्रीय विद्यालयों में हुई। उन्होंने कर्नाटक, कानपुर और हैदराबाद में पढ़ाई करते हुए हर कदम पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। दसवीं बोर्ड परीक्षा में केंद्रीय विद्यालय एयरफोर्स एकेडमी, हैदराबाद से स्कूल टॉपर बनने के बाद उन्होंने इंटरमीडिएट की पढ़ाई विकास कांसेप्ट स्कूल, हैदराबाद से पूरी की। आगे की शिक्षा उन्होंने जवाहरलाल नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से कंप्यूटर साइंस में पूरी की। इसके बाद उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू की। उनके दृढ़ निश्चय और आत्मविश्वास का परिणाम यह रहा कि वे देश की प्रतिष्ठित एयरफोर्स एरोनॉटिकल इंजीनियरिंग परीक्षा में पहले ही प्रयास में सफल हुईं।
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परिवार का मार्गदर्शन और प्रेरणा
मुस्कान की इस सफलता में उनके पिता और दादा का विशेष योगदान रहा। मुस्कान के पिता सुमन कुमार गिरि एयरफोर्स में जूनियर वारंट अधिकारी हैं। उन्होंने मुस्कान को हमेशा दृढ़ निश्चय और खुद पर भरोसा रखने का मूलमंत्र दिया। वहीं, दादा सुरेश कुमार गिरि शिक्षाविद और प्रेरणादायक व्यक्तित्व हैं, उन्होंने उन्हें प्रेरणा दी। मुस्कान ने बताया कि छुट्टियों में जब भी वे अपने गांव रिविलगंज के गोदना मठिया जाती थीं, तो दादा जी से प्रेरणादायक कहानियां और मूल मंत्र सुनती थीं।
सपनों को साकार करने की कहानी
मुस्कान का कहना है कि सफलता के लिए विचारों की शुद्धता, खुद पर भरोसा और दृढ़ निश्चय जरूरी है। उनके मुताबिक कि सपने देखना तो आसान है, लेकिन उन्हें पूरा करने के लिए मेहनत और समर्पण चाहिए। उन्होंने 29 दिसंबर 2024 को एयरफोर्स एकेडमी में एरोनॉटिकल इंजीनियर के रूप में अपना योगदान दिया।
प्रशिक्षण और आगे की योजना
मुस्कान का प्रशिक्षण अब हैदराबाद स्थित एयरफोर्स एकेडमी में प्रारंभ होगा। छह महीने के शुरुआती प्रशिक्षण के बाद वे बेंगलुरु के एयरफोर्स टेक्निकल कॉलेज में एक वर्ष का गहन प्रशिक्षण लेंगी। इसके बाद उन्हें विशेष विभाग में तैनात किया जाएगा, जो फाइटर, हेलीकॉप्टर या ट्रांसपोर्ट विमान से संबंधित हो सकता है।
गांव और परिवार में खुशी का माहौल
मुस्कान की सफलता से उनके गांव में खुशी की लहर दौड़ गई है। परिवार, रिश्तेदार और ग्रामीणों ने इस अवसर पर उनकी उपलब्धि की सराहना की। बधाई देने वालों में नगर पंचायत की अध्यक्षा अमिता यादव, वार्ड पार्षद कलावती देवी, संतोष सिंह, विजय शंकर गिरि और अन्य स्थानीय लोग शामिल रहे।