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Bihar: गोपालगंज में बस स्टैंड की अरबों की जमीन पर भू-माफियाओं का फर्जीवाड़ा, एसडीओ की जांच में सामने आई धांधली

Wed, 11 Sep 2024 03:10 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोपालगंज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोपालगंज Published by: हिमांशु प्रियदर्शी Updated Wed, 11 Sep 2024 03:10 PM IST
सार

Gopalganj News: एसडीओ प्रदीप कुमार ने पुष्टि की कि उक्त जमीन पर पूर्व से कोई जमाबंदी नहीं थी, बल्कि फर्जी तरीके से एक पन्ना जोड़ा गया था। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए।

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Bihar News: Land mafias commit fraud on billions of rupees worth of bus stand land in Gopalganj
एसीडीओ की जांच रिपोर्ट से मामले का हुआ खुलासा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गोपालगंज में राजेंद्र बस अड्डे की अरबों रुपये कीमत की जमीन पर भू-माफियाओं द्वारा फर्जी तरीके से जमाबंदी कराने की खबर ने जिला प्रशासन को चौकस कर दिया है। जिला अधिकारी मोहम्मद मकसूद आलम के निर्देश पर एसडीओ डॉ. प्रदीप कुमार ने मंगलवार को अंचल कार्यालय में छानबीन की।

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एसडीओ के समक्ष नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी राहुलधर दुबे, सीओ गुलाम सरवर, राजस्व कर्मचारी दिनेश मिश्र तथा प्रधान सहायक सुबोध झा मौजूद रहे। जांच के दौरान रजिस्टर-टू में जमाबंदी के अभिलेख में फर्जीवाड़ा सामने आया। रजिस्टर-टू के पन्ने को डॉट पेन से लिखा गया था और कुछ पन्नों को जेल पेन से जोड़कर संशोधित किया गया था। यह स्पष्ट हुआ कि जमाबंदी की रसीद फर्जी तरीके से कटवाई गई थी।
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एसडीओ प्रदीप कुमार ने पुष्टि की कि उक्त जमीन पर पूर्व से कोई जमाबंदी नहीं थी, बल्कि फर्जी तरीके से एक पन्ना जोड़ा गया था। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जब जमाबंदी हुई ही नहीं है तो रद्द करने का प्रश्न ही नहीं उठता।
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वहीं, सीओ गुलाम सरवर की रिपोर्ट में भी गड़बड़ पाई गई। रिपोर्ट में बस स्टैंड की जमीन पर अवैध कब्जा बताया गया। साथ ही नगर परिषद की पक्की दुकानों को फूस के रूप में दर्शाया गया, जबकि दुकानों को 1984 से नियमित किराया मिल रहा है। नगर परिषद द्वारा सही रिपोर्ट देने में विफलता के चलते प्रशासन को नए सिरे से जांच की आवश्यकता महसूस हो रही है।

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