Bihar: गोपालगंज में गैंग रेप और दलित उत्पीड़न के मामले में कोर्ट ने दिखाई सख्ती, तीन महीने बाद दर्ज हुई FIR
Gopalganj News: गोपालगंज में किशोरी से गैंग रेप और दलित उत्पीड़न के मामले में कोर्ट के आदेश के बाद तीन महीने बाद FIR दर्ज की गई। आरोपियों ने पीड़िता के परिजनों से शिकायत दर्ज कराने के विरोध में मारपीट भी की थी। जानें पूरा मामला...।
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गोपालगंज जिले के भोरे थानाक्षेत्र के एक गांव में शौच के लिए गई किशोरी से दो मनचलों ने सामूहिक दुष्कर्म किया। लेकिन परिवार के लोग लोक लाज के कारण चुप रहे। बाद में जब परिजन शिकायत करने गए तो आरोपियों के परिवार के लोगों ने उनसे मारपीट की। पूरा मामला स्थानीय थाने में पहुंचा, लेकिन कोई कार्रवाई न होने पर पीड़िता के पिता ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी तो दर्ज हुई, लेकिन उसमें भी तीन महीने का समय लग गया। फिलहाल पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों की तलाश में छापामारी शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक, भोरे थानाक्षेत्र के एक गांव में पांच अप्रैल 2024 की सुबह खेत में शौच के लिए गई 15 वर्षीय से किशोरी से उसी गांव के दो युवकों ने सामूहिक दुष्कर्म किया। घटना की जानकारी मिलने पर पीड़िता के परिजन आरोपी लड़कों के घर शिकायत करने गए। जहां पूरे परिवार के लोगों ने जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल कर मारपीट कर उन्हें जख्मी कर दिया। मामले को लेकर भोरे थाने में पीड़ित परिवार शिकायत करने पहुंचा, जहां पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई।
इसके बाद पीड़िता और उसके परिवार ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जिसपर कोर्ट ने 24 जुलाई को मामले में प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया। लेकिन तीन महीने बाद भोरे थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। फिलहाल इस मामले में उसी गांव के ब्रजेश कुशवाहा, राजन कुशवाहा, अंकित कुशवाहा, अजीत कुशवाहा, अमर कुमार और मुंशी भगत को आरोपी बनाया गया है। पुलिस आरोपियों की तलाश में छापामारी कर रही है।