Bihar Election: 'ये चुनाव विधायक चुनने का नहीं...', राजद पर बरसे अमित शाह; संबोधन में 34 नरसंहारों का भी जिक्र
Bihar Vidhansabha Chunav 2025: अमित शाह ने कहा कि साधु यादव के कारनामे गोपालगंज वालों से ज्यादा किसको मालूम हैं। जंगलराज के दौर में कई नरसंहार हुए, जिनमें बथानी टोला, सोनारी, शंकरबीघा नरसंहार जैसे अलग-अलग 34 नरसंहार हुए थे।
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गोपालगंज में वर्चुअली चुनावी जनसभा को संबोधित किया। खराब मौसम के कारण उनका हेलिकॉप्टर पटना से उड़ान नहीं भर पाया। अपने भाषण में शाह ने जंगलराज की याद दिलाई, साथ ही बंद पड़े चीनी मिलों को चालू कराने का वादा किया।
करीब 8 मिनट के अपने भाषण में अमित शाह ने कहा कि पीएम ने बंद पड़ी रीगा चीनी मिल को चालू करने का काम किया है। बिहार की बाकी बंद पड़ी चीनी मिल को अगले 5 साल में चालू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ये चुनाव विधायक चुनने का नहीं है। ये चुनाव बिहार का भविष्य तय करने का है। बिहार किसके हाथ में रहेगा। जिन्होंने वर्षों तक बिहार में जंगलराज थोपा उसके या नरेंद्र जी और नीतीश जी के नेतृत्व में जो बिहार का विकास हुआ उसे चुनेगा।
शाह ने कहा कि साधु यादव के कारनामे गोपालगंज वालों से ज्यादा किसको मालूम हैं। जंगलराज के दौर में कई नरसंहार हुए, जिनमें बथानी टोला, सोनारी, शंकरबीघा नरसंहार जैसे अलग-अलग 34 नरसंहार हुए थे। जिसने बिहार की धरती को रक्तरंजित किया है।
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नालंदा में याद दिलाया था नरसंहार
इससे पहले 30 अक्तूबर को शाह बिहार के बेगूसराय, लखीसराय और नालंदा में जनसभा को संबोधित कर चुके हैं। लखीसराय में उन्होंने डिप्टी CM विजय सिन्हा के लिए लोगों से वोट की अपील की थी। मुंगेर में उन्होंने डिप्टी CM सम्राट चौधरी के लिए वोट मांगे थे। इस दौरान शाह ने कहा, मुंगेर वालों यहां से बीजेपी के कैंडिडेट सम्राट चौधरी को जिताइए। मोदी जी इन्हें बहुत बड़ा आदमी बनाएंगे।
वहीं, नालंदा में अमित शाह ने कहा कि ये चुनाव किसी को विधायक या मंत्री बनाने के लिए नहीं हैं। ये चुनाव उस 'जंगलराज' को रोकने के लिए हैं, जो अपना वेष बदलकर आएगा। लालू-राबड़ी के शासन में 38 नरसंहार हुए। नालंदा के कई लोग मौत के घाट उतरे गए थे। किडनैपिंग, हत्या, लूट जैसे गैरकानूनी काम होते थे। लेकिन नीतीश ने इस धंधे पर रोक लगा दिया और लालू के आतंक को समाप्त कर दिया।