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Crime: साइबर अपराधियों ने गोपालगंज के जज साहब को भी नहीं छोड़ा, विद्युत मीटर के नाम पर कर ली 23 हजार की ठगी
Sat, 20 Jul 2024 01:23 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोपालगंज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोपालगंज
Published by: हिमांशु प्रियदर्शी
Updated Sat, 20 Jul 2024 01:23 PM IST
सार
Cyber Crime: गोपालगंज में साइबर अपराधियों ने व्यवहार न्यायालय के जज साहब से विद्युत मीटर के नाम पर 23 हजार की ठगी कर ली। इसे लेकर जज साहब ने साइबर थाने का दरवाजा खटखटाया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
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बिहार में तेजी से बढ़ रहे साइबर ठगी के मामले
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बिहार में साइबर अपराधियों का आतंक इस समय चरम सीमा पर है। वह आम ही नहीं खास लोगों को भी अपना निशाना बना रहे हैं। इस बार साइबर ठगों ने व्यवहार न्यायालय गोपालगंज के सब जज को अपना निशाना बनाया है। विद्युत मीटर बंद कराने के नाम पर दो बार में उनके खाते से 23 हजार रुपये की ठगी कर ली गई। इस मामले में सब जज ने गोपालगंज साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
प्राथमिकी के मुताबिक, 15 जुलाई की रात पौने 10 बजे सब जज के मोबाइल पर एक कॉल आया। कॉल करने वाला व्यक्ति ने खुद को बिजली विभाग पटना का अधिकारी बताते हुए कहा कि आपको विद्युत मीटर बंद करवाना होगा। उसके लिए 10 रुपये का चार्ज भी देना होगा। जज साहब पूर्व में पटना में ही पदस्थापित थे। इस वजह से वह वहां का मीटर बंद करवाने के लिए राजी हो गए। तब फोन करने वाले व्यक्ति ने पैसे के भुगतान के लिए उनके मोबाइल में एक एप इंस्टॉल करवाने के साथ ही उनके एटीएम की जानकारी ले ली। इस दौरान उनके खाते से 20 हजार रुपये कट गए। उसके बाद कॉल करने वाले व्यक्ति ने बताया कि आपका पैसा रिफंड हो जाएगा।
प्राथमिकी में सब जज ने बताया कि यह बताने के साथ ही उनके वाट्सअप पर एक एप का लिंक भेज दिया। इस प्रकरण के बाद उसने कहा कि इसे इंस्टॉल करते ही आपके 10 रुपये विद्युत विभाग में जमा होने के साथ ही बाकी पैसे वापस हो जाएंगे। उन्होंने एप को इंस्टॉल तो कर लिया, लेकिन खाते से कटा पैसा वापस आने के बजाय कुछ देर बाद खाते में बचे शेष पैसे भी गायब हो गए। तब जाकर जज साहब को ठगी का एहसास हुआ।
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इसके बाद जज साहब ने साइबर हेल्प लाइन का सहारा लिया। वहां शिकायत दर्ज न होने की स्थिति में साइबर थाना गोपालगंज में शिकायत की। साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुट गई है। गौरतलब है कि आए दिन जिले में लोग साइबर अपराध के शिकार हो रहे हैं। नई-नई तरकीब अपना कर ठग अपना जाल बिछा रहे हैं। इस पर अंकुश लगाने के लिए साइबर थाना पुलिस को अभियान चलाकर लोगों को जागरूक करना होगा। अन्यथा इस अपराध के शिकंजे में आने वाले लोगों की मुसीबतें लगातार बढ़ती जा रही हैं।
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प्राथमिकी के मुताबिक, 15 जुलाई की रात पौने 10 बजे सब जज के मोबाइल पर एक कॉल आया। कॉल करने वाला व्यक्ति ने खुद को बिजली विभाग पटना का अधिकारी बताते हुए कहा कि आपको विद्युत मीटर बंद करवाना होगा। उसके लिए 10 रुपये का चार्ज भी देना होगा। जज साहब पूर्व में पटना में ही पदस्थापित थे। इस वजह से वह वहां का मीटर बंद करवाने के लिए राजी हो गए। तब फोन करने वाले व्यक्ति ने पैसे के भुगतान के लिए उनके मोबाइल में एक एप इंस्टॉल करवाने के साथ ही उनके एटीएम की जानकारी ले ली। इस दौरान उनके खाते से 20 हजार रुपये कट गए। उसके बाद कॉल करने वाले व्यक्ति ने बताया कि आपका पैसा रिफंड हो जाएगा।
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प्राथमिकी में सब जज ने बताया कि यह बताने के साथ ही उनके वाट्सअप पर एक एप का लिंक भेज दिया। इस प्रकरण के बाद उसने कहा कि इसे इंस्टॉल करते ही आपके 10 रुपये विद्युत विभाग में जमा होने के साथ ही बाकी पैसे वापस हो जाएंगे। उन्होंने एप को इंस्टॉल तो कर लिया, लेकिन खाते से कटा पैसा वापस आने के बजाय कुछ देर बाद खाते में बचे शेष पैसे भी गायब हो गए। तब जाकर जज साहब को ठगी का एहसास हुआ।
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इसके बाद जज साहब ने साइबर हेल्प लाइन का सहारा लिया। वहां शिकायत दर्ज न होने की स्थिति में साइबर थाना गोपालगंज में शिकायत की। साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुट गई है। गौरतलब है कि आए दिन जिले में लोग साइबर अपराध के शिकार हो रहे हैं। नई-नई तरकीब अपना कर ठग अपना जाल बिछा रहे हैं। इस पर अंकुश लगाने के लिए साइबर थाना पुलिस को अभियान चलाकर लोगों को जागरूक करना होगा। अन्यथा इस अपराध के शिकंजे में आने वाले लोगों की मुसीबतें लगातार बढ़ती जा रही हैं।