बिहार: RLM में फिर खींचतान! सारण शिक्षक सीट पर तीन विधायक निर्दलीय के साथ, उपेंद्र कुशवाहा का समर्थन किसे?
एक बार फिर से राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अंदर खींचतान की बात सामने आ रही है। विधान परिषद चुनाव में उपेंद्र कुशवाहा एनडीए के उम्मीदवार के साथ खड़े होकर समर्थन रहे हैं। वहीं उनके तीन विधायक एनडीए के खिलाफ जाकर निर्दलीय उम्मीदवार के साथ खड़े दिख रहे हैं। जानिए पार्टी में क्या चल रहा है?
विस्तार
राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) में सबकुछ ठीक नहीं दिख रहा है। बिहार विधान परिषद चुनाव के बीच आरएलएम में सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र को लेकर अंदरूनी मतभेद खुलकर सामने आए हैं। पार्टी प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने इस सीट पर जदयू प्रत्याशी पुष्कर आनंद के समर्थन का रुख अपनाया है। वहीं, आरएलएम के तीन विधायक पार्टी लाइन से अलग हटकर एनडीए के विरोध में निर्दलीय चुनाव लड़ रहे वरिष्ठ नेता रामपुकार सिन्हा कुशवाहा के नामांकन कार्यक्रम में शामिल हुए। तीनों विधायकों ने रामपुकार सिन्हा को समर्थन देने का एलान किया है। इससे पार्टी के भीतर मतभेद की बाद खुलकर सामने आ गई है।
तीन विधायक रामपुकार सिन्हा के साथ पहुंचे
निर्दलीय रामपुकार सिन्हा कुशवाहा ने सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से नामांकन दाखिल किया। उनके नामांकन कार्यक्रम में आरएलएम के प्रदेश अध्यक्ष आलोक कुमार सिंह, बाजपट्टी के विधायक और पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रामेश्वर कुमार महतो तथा मधुबनी के विधायक, विधायक दल के नेता और राष्ट्रीय प्रधान महासचिव माधव आनंद शामिल हुए। तीनों नेताओं की मौजूदगी ऐसे समय में हुई है, जब पार्टी नेतृत्व सारण शिक्षक सीट पर जदयू प्रत्याशी के समर्थन में है। ऐसे में आरएलएम के भीतर इस घटनाक्रम को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
आलोक सिंह ने कहा- कार्यकर्ता का सम्मान संगठन की ताकत
आरएलएम के प्रदेश अध्यक्ष आलोक कुमार सिंह ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि राजनीति केवल चुनाव लड़ने और जीतने का माध्यम नहीं है। यह विश्वास, सम्मान, निष्ठा और कार्यकर्ताओं के साथ निभाए जाने वाले रिश्तों का नाम है। उन्होंने कहा कि वह माधव आनंद और रामेश्वर महतो के साथ रामपुकार सिन्हा के नामांकन कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे। आलोक सिंह ने इसे कार्यकर्ताओं के सम्मान, विश्वास और मनोबल के साथ खड़े होने का संकल्प बताया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आरएलएम एनडीए का विश्वसनीय सहयोगी था, है और आगे भी एनडीए के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा। आलोक सिंह ने कहा कि एनडीए का शीर्ष नेतृत्व उनके लिए सर्वोपरि है और शीर्ष नेतृत्व के निर्देश एवं निर्णय का सम्मान करना संगठनात्मक जिम्मेदारी है। उनका उद्देश्य किसी के खिलाफ खड़ा होना नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं के सम्मान, संगठन की मजबूती और एनडीए की एकजुटता को मजबूत करना है।
माधव आनंद बोले- पार्टी को बचाने के लिए कुर्बानी देने को तैयार
मधुबनी विधायक और आरएलएम विधायक दल के नेता माधव आनंद ने पार्टी को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर आरएलएम को बचाने के लिए कुर्बानी देनी पड़ेगी तो वह इसके लिए तैयार हैं। माधव आनंद कहा कि जनता चाहती है कि पार्टी बनी रहे। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में भाजपा के साथ गठबंधन के लिए भी आरएलएम का मजबूत और अस्तित्व में रहना जरूरी है।
आरएमएल आलाकमान की ओर से क्या मैसेज दिया?
आरएलएम प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा की ओर पार्टी में किसी तरह की बगावत से इनकार किया गया है। आलाकमान की ओर से कहा गया है कि पार्टी में कोई विधायक बागी नहीं हुआ है और राष्ट्रीय लोक मोर्चा एनडीए उम्मीदवारों के साथ खड़ी है। यानी एक तरफ पार्टी नेतृत्व सारण शिक्षक सीट पर जदयू उम्मीदवार पुष्कर आनंद के समर्थन में है, जबकि पार्टी के तीन विधायक आरएलएम नेता रामपुकार सिन्हा के नामांकन कार्यक्रम में पहुंचकर उनके प्रति समर्थन का संदेश दे रहे हैं। यही स्थिति आरएलएम के भीतर राजनीतिक खींचतान की चर्चा का आधार बन गई है।
23 अक्तूबर को आठ सीटों पर मतदान
बिहार विधान परिषद की चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव हो रहा है। इनमें पटना, दरभंगा, तिरहुत और कोसी स्नातक तथा पटना, दरभंगा, तिरहुत और सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। इन आठ सीटों के लिए मतदान 23 अक्तूबर को होगा, जबकि मतगणना 27 अक्तूबर को की जाएगी। नामांकन की अंतिम तारीख छह अक्तूबर है।